नैनीताल:पीएम मोदी की अपील का असर!उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी दिखा ईंधन बचाओ अभियान, पैदल कोर्ट पहुंचे जज, वकील और कर्मचारी

Nainital: The Impact of PM Modi's Appeal! The 'Save Fuel' Campaign Takes Hold at the Uttarakhand High Court; Judges, Advocates, and Staff Arrive at Court on Foot.

अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर तेल संकट गहराता जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार पूलिंग करने और जहां संभव हो वहां पैदल चलने की अपील की है। इसी क्रम में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में ईंधन संरक्षण को लेकर “नो व्हीकल डे” मनाया गया। 

इस पहल के तहत उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता सहित अन्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य अपने निजी वाहन छोड़कर पैदल अथवा वैकल्पिक माध्यमों से न्यायालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, उसमें हम भी अपना योगदान देना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से एक छोटे लेकिन प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में सभी से अपील की गई कि आज निजी वाहनों का उपयोग न करें। जहां तक संभव हो लोग पैदल, साइकिल या वैकल्पिक माध्यमों से न्यायालय पहुंचे।
यह सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आगे भी ईंधन संरक्षण को लेकर जागरूकता जारी रहेगी। हमारा प्रयास है कि लोग अधिक से अधिक पेट्रोल की बचत करें और अनावश्यक ईंधन खपत को कम करें। इसी को ध्यान में रखते हुए दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए वर्चुअल कोर्ट की व्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

वही न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने कहा कि मेरा मैसेज यही है कि रोज हमें वॉक करनी चाहिए और अगर लम्बी दूरी है तो साइकिल से चलें आपके स्वास्थ्य के लिए और पॉल्यूशन कम करने के लिए सबसे अच्छा है।
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से देशभर में ईंधन संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कवायद की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वैश्विक संकट के इस दौर में पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग बेहद संयम के साथ करें, ताकि देश पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा भार को कम किया जा सके। इसके साथ ही वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी ईंधन संरक्षण अभियान के तहत अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल कर चुके हैं।