नैनीताल:पुनीत टंडन के धरने का असर! कुमाऊं कमिश्नर ने 13 बिंदुओं पर डीएम को दिए निर्देश!कार्य नहीं हुआ तो फिर धरने पर बैठेंगे पुनीत टंडन
नैनीताल। लोअर मॉल रोड की मरम्मत में देरी समेत नैनीताल से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन द्वारा दिए गए पांच दिवसीय धरने के स्थगन के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद जगी है। व्यापार मंडल की ओर से जिलाधिकारी और कुमाऊं कमिश्नर को भेजे गए पत्र पर कमिश्नर की ओर से संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
व्यापार मंडल के अनुसार, पत्र में नैनीताल से जुड़े 13 प्रमुख बिंदुओं को उठाया गया था। कमिश्नर की ओर से जारी निर्देशों की प्रतिलिपि पुनीत टंडन को भी प्राप्त हुई है। इसमें पिछले दस वर्षों में लोअर मॉल रोड पर हुए खर्च का सालवार विवरण, विशेष रूप से पिछले एक वर्ष में किए गए व्यय की जानकारी मांगी गई है।

इसके अलावा लोअर मॉल रोड और अपर मॉल रोड पर सड़क में पड़ रही दरारों के कारणों तथा उनकी स्थायी मरम्मत के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देने को कहा गया है। व्यापार मंडल ने यह भी मांग उठाई थी कि जब तक लोअर मॉल रोड पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक नो हॉन्किंग जोन के नियम को स्थगित रखा जाए।

मामले में फ्लैट्स मैदान में निर्मित पार्क और बाउंड्री वॉल की वैधता तथा इनके निर्माण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही यह जानकारी मांगी गई है कि निर्माण कार्यों में नैनीताल झील को लेकर उच्च न्यायालय और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है या नहीं।
सीवर व्यवस्था और झील में जा रहे सीवर के पानी, मेट्रोपोल पार्किंग के निर्माण की स्थिति, उसके वर्क ऑर्डर तथा अन्य विकास कार्यों की निर्धारित समय-सीमा का लिखित ब्योरा उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में शामिल है।
वहीं, बोट हाउस क्लब के सामने बनाए गए कंक्रीट पार्क को लेकर भी व्यापार मंडल ने पुनर्समीक्षा की मांग उठाई है। पुनीत टंडन के अनुसार, इस मामले को पूर्व में भी उच्च न्यायालय के समक्ष ले जाने की पहल की गई थी। यदि इस दिशा में प्रशासन की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती और पूर्व में जिलाधिकारी को दिए गए पत्र का जवाब नहीं मिलता है, तो जल्द ही कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुनीत टंडन ने कहा कि कमिश्नर की ओर से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निर्देश जारी किया जाना सकारात्मक शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी सभी बिंदुओं पर समय-सीमा निर्धारित करते हुए लिखित जवाब देंगे, जिससे जनता के सामने प्रशासन की नैनीताल संरक्षण को लेकर गंभीरता स्पष्ट हो सके।

उन्होंने कहा कि आंदोलन को फिलहाल 14 दिनों के लिए स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं किया गया। निर्धारित अवधि में यदि प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब और कार्रवाई नहीं होती है तो धरने पर पुनर्विचार किया जाएगा और नैनीताल के संरक्षण को लेकर बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
टंडन ने कहा कि नैनीताल के हित में आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय और आगे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए भी व्यापार मंडल तैयार है। उनके मुताबिक, नैनीताल के संरक्षण की लड़ाई लंबी है और इसमें शहरवासियों की जागरूक भागीदारी जरूरी है।