नैनीताल: लैंगिंग शोषण मामले में नरेश पांडे को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं ! सुनवाई के दौरान विवेचक अधिकारी पेश, जांच जारी रखने के निर्देश, अगली सुनवाई शनिवार को

Nainital: Naresh Pandey has yet to receive relief from the High Court in the sexual exploitation case. The investigating officer appeared during the hearing, directing the investigation to continue.

नैनीताल। भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे से जुड़े मामले में बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामला न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां कोर्ट ने कंपाउंडिंग आवेदन पर सुनवाई करते हुए फिलहाल किसी प्रकार की राहत देने से इनकार किया और मामले की विवेचना जारी रखने पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान विवेचक अधिकारी (IO) व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुईं और जांच की वर्तमान स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है,उन्होंने कोर्ट को जांच के दौरान एकत्रित किए गए कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी उपलब्ध करवाए।

वहीं राज्य पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले से जुड़े कुछ व्हाट्सएप संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जांच के दायरे में हैं। साथ ही शिकायतकर्ता का बयान पुनः दर्ज किए जाने की प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। पुलिस ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मामले की जांच निष्पक्ष और विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कोर्ट में आईओ द्वारा बताया गया कि संबंधित युवती द्वारा तल्लीताल थाने में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, जिसमें अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। उस मामले की विवेचना भी पुलिस द्वारा की जा रही है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, वे गैर-समझौतायोग्य (Non-Compoundable) प्रकृति की हैं और मामले की विवेचना अभी लंबित है। कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि आरोपों की प्रकृति गंभीर है तथा प्रथम दृष्टया मामला केवल निजी विवाद तक सीमित नहीं माना जा सकता। वहीं विवेचक अधिकारी ने कोर्ट को अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में आठ अन्य एफआईआर भी दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, गाली-गलौज और गुंडा एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए गए। मामले में अब अगली सुनवाई शनिवार को निर्धारित की गई है।