नैनीताल:ग्राफिक एरा छात्रा की संदिग्ध मौत मामले की जांच में देरी पर कोर्ट की पुलिस प्रशासन को फटकार!

Nainital: Court Reprimands Administration Over Delays in Investigation into Suspicious Death of Graphic Era Student!

नैनीताल।

 न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल ने ग्राफिक एरा की छात्रा की  संदिग्ध मौत के मामले में जांच में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच को तत्काल प्रभाव से तेज किया जाए।

मामले के मुताबिक लखनऊ की 18 वर्षीय वासवी तोमर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी , भीमताल में बीसीए सेकेंड ईयर की छात्रा थी। 30 जुलाई  2025 को दिन भर वासवी का फोन स्विच ऑफ रहा। शाम पांच बजे यूनिवर्सिटी की तरफ से मां बीनू सिंह को फोन आया कि आपकी बेटी ने आत्‍महत्‍या कर ली है। दूसरी ओर, परिजनों ने रैगिंग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वासवी ने रैगिंग का विरोध किया था, जिसके कारण उसे निशाना बनाया गया। इस मामले को लेकर छात्रा के पिता रामकृष्ण सिंह तोमर द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि घटना के लगभग आठ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा जांच पूरी नहीं की गई और न ही प्रगति की समुचित जानकारी दी गई।

अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों में सामने आया कि प्रथम सूचना रिपोर्ट पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में नैनीताल स्थानांतरित किया गया। जांच के दौरान कुछ गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद विवेचना अब तक लंबित है।

कोर्ट ने यह भी पाया कि संबंधित प्रावधानों के तहत पुलिस द्वारा वादी को जांच की प्रगति की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। साथ ही, घटना के बाद कार्यवाही में अनावश्यक विलंब को लेकर भी न्यायालय ने नाराजगी जताई। मामले में कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल को निर्देशित किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को शीघ्र और विधि के अनुरूप पूर्ण कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और वादी को समय-समय पर प्रगति की जानकारी दी जाए।