नैनीताल: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में आरोपियों की दलील! 'मृतका ने की थी आत्महत्या', उत्तराखंड हाइकोर्ट ने जमानत याचिका पर नहीं दी कोई राहत

Nainital: Arguments by the accused in the Ankita Bhandari murder case! 'The deceased committed suicide'; Uttarakhand High Court grants no relief on the bail plea.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर द्वारा निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दाखिल जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं दी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर की ओर से कहा गया कि अंकिता भंडारी की मृत्यु आत्महत्या का मामला है और उसमें उनका कोई हाथ नहीं है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह प्रस्तुत नहीं कर पाया है तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उन्हें दोषी ठहराया गया है। इसी आधार पर उन्होंने निचली अदालत के आजीवन कारावास के आदेश पर रोक लगाते हुए जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की। वहीं, राज्य सरकार तथा मृतका के अधिवक्ता ने जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद रिसॉर्ट के एक कमरे को ध्वस्त किया गया, बुलडोजर चलाया गया और आगजनी कर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाट्सऐप चैट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण आरोपियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। पक्षकारों ने तर्क दिया कि यदि आरोपियों का घटना से कोई संबंध नहीं था, तो फिर साक्ष्यों को मिटाने और सीसीटीवी प्रणाली से छेड़छाड़ करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

गौरतलब है कि कोटद्वार की निचली अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 354-ए और 201 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने के साथ जमानत की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत में 47 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के समय आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई थी, जिसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच से भी हुई। इसके अलावा मृतका के व्हाट्सऐप चैट में भी घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। अभियोजन का आरोप है कि रिसॉर्ट के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे और डीवीआर से भी छेड़छाड़ की गई थी। पौड़ी जिले के डोभ-श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में कार्यरत थीं। आरोप है कि रिसॉर्ट स्वामी पुलकित आर्या और उसके सहयोगियों ने अंकिता को चीला बैराज में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और वे तब से न्यायिक हिरासत में हैं।