Sep 23, 2026 Login

नैनीतालः मां नंदा-सुनंदा की पंच आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब! 23 सितंबर को मायके से ससुराल लौटेंगी मां

Nainital: A massive surge of devotion witnessed at the 'Panch Aarti' of Goddesses Nanda and Sunanda! The Goddesses will return from their maternal home to their marital home on September 23.

नैनीताल। कुमाऊं की आराध्य और कुलदेवी मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से सरोवर नगरी नैनीताल में इन दिनों भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत मां नयना देवी मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अष्टमी के दिन मां नंदा-सुनंदा अपने मायके पहुंचती हैं और एकादशी के दिन अपने ससुराल लौटती हैं। इसी परंपरा के तहत 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा की विदाई होगी। इससे पहले मंदिर में पंच आरती का विशेष आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मां नंदा-सुनंदा की आराधना में पंच आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दौरान पांच तत्वों ‘पुष्प, वस्त्र, जल, वायु और ज्योति’ के माध्यम से मां की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंच आरती के जरिए मां नंदा-सुनंदा की दिनभर की व्याधियों और थकान को दूर करने की प्रार्थना की जाती है। यही वजह है कि पंच आरती में शामिल होने के लिए नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। पंच आरती के दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक वातावरण देखने को मिलता है। श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा के दर्शन और आरती में शामिल होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। पुष्प, वस्त्र, जल, वायु और ज्योति से होने वाली इस विशेष आरती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। मान्यता है कि पंच आरती में शामिल होने मात्र से मां नंदा.सुनंदा की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि एवं कल्याण का आशीर्वाद मिलता है। नंदा-सुनंदा महोत्सव के दौरान मां नयना देवी मंदिर में भक्तों की लगातार भीड़ पहुंच रही है। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी महोत्सव में शामिल होकर मां का आशीर्वाद ले रहे हैं। मां नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद लेने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक महेरा भी मां नयना देवी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और पंच आरती में शामिल होकर मां नंदा-सुनंदा की आराधना की। इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। मंदिर के पुजारी भगवत जोशी के अनुसार, मां नंदा-सुनंदा की आराधना में पंच आरती की अपनी विशेष परंपरा और धार्मिक मान्यता है। 

23 सितंबर को होगी मां की विदाई
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नंदा-सुनंदा अष्टमी के दिन अपने मायके आती हैं और कुछ दिनों तक भक्तों को दर्शन देने के बाद एकादशी के दिन ससुराल के लिए विदा होती हैं। इस वर्ष 23 सितंबर को एकादशी के अवसर पर मां नंदा.सुनंदा की विदाई होगी। इसके साथ ही नैनीताल में आयोजित हो रहे महोत्सव के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों का भी समापन चरण शुरू हो जाएगा। मां की विदाई से पहले पंच आरती और दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।