नैनीताल:बेतालघाट में कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान अफरातफरी में 6 लोग घायल,अनुमति बिना 6 हजार लोगों की भीड़ जुटाने पर आयोजकों पर दर्ज हुआ मुकदमा!
नैनीताल।
जनपद के बेतालघाट स्थित मिनी स्टेडियम में कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ और अव्यवस्था के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना 16 फरवरी 2026 की बताई जा रही है, जब “आरम्भ विधानसभा सम्मेलन 2027” नाम से एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

पुलिस जांच के अनुसार यह कार्यक्रम बाबा हेल्प देम फाउण्डेशन के मुख्य आयोजक शीलू कुमार नरेश पांडे और तारा भंडारी द्वारा बिना सक्षम प्रशासनिक अनुमति के आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में करीब 6000 लोगों की भीड़ जुटाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान लोकगायन और कंबल वितरण किया जा रहा था, लेकिन आयोजकों की ओर से भीड़ नियंत्रण, निजी सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के संचालन के दौरान आयोजकों और सहयोगियों, जिनमें नरेश पांडे सहित अन्य लोग शामिल थे, द्वारा अव्यवस्थित तरीके से कंबल वितरण किए जाने से भारी भीड़ एक स्थान पर जमा हो गई। भीड़ का दबाव बढ़ने पर मिनी स्टेडियम की दीवार ढह गई, जिससे छह लोग घायल हो गए। इस घटना से क्षेत्र में अफरातफरी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ. मंजूनाथ टीसी ने जांच के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी की तहरीर के आधार पर थाना बेतालघाट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(क)(ख), 190, 292 तथा लोक संपत्ति को नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3(2) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वही कंबल वितरण कार्यक्रम में मची भगदड़ को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है इस तरह की लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए,क्योंकि बिना प्रशासन की अनुमति और बिना सुरक्षा व्यवस्था के हजारों की संख्या में भगदड़ मचने पर जहां 6 लोग घायल हो गए ऐसे में जानमाल का नुकसान भी हो सकता था। कंबल वितरण कार्यक्रम की जिम्मेदारी आयोजकों की थी तो उन्हें घायलों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता और आयोजकों से अपील की है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन से पूर्व प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य है तथा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी मानकों का पालन किया जाना जरूरी है।