रुद्रपुर में शिक्षा माफिया का भंडाफोड़ः गोदाम में मिला एनसीईआरटी की किताबों का जखीरा! असली या नकली? जांच करेगी टीम, कई राज्यों को सप्लाई की जाती थी किताबें

Education mafia busted in Rudrapur: A stash of NCERT books found in a warehouse! Real or fake? A team will investigate; the books were supplied to several states.

रुद्रपुर। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने एक शिक्षा माफिया का भंडाफोड़ करते हुए गांव कीरतपुर में एक गोदाम से एनसीईआरटी की किताबों का भंडार जब्त किया है। पुलिस की छापेमारी के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा। गोदाम में करोड़ों की एनसीईआरटी की किताबें बरामद की गईं। जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात करीब 9 बजे कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि कंटेनर नंबर यूपी 37 वीटी 0562 में एनसीईआरटी की बड़ी मात्रा में किताबें भेजी जा रही हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक टीम भेजी और वाहन का पीछा किया। पुलिस ने चालक को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि किताबें कीरतपुर गांव के एक गोदाम से लादी गई थीं। बाद में पुलिस ने कोतवाली प्रभारी के साथ गोदाम को घेर लिया। कोतवाल ने इसकी सूचना सीईओ हरेंद्र मिश्रा को दी। शिक्षा विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। गोदाम की सुरक्षा करने के बाद, तहसीलदार दिनेश कुट्टोला सहित एक संयुक्त टीम ने रविवार सुबह इसे खोल दिया।

गोदाम में किताबों का विशाल भंडार देखकर अधिकारी दंग रह गए। किताबों की जांच करने पर पता चला कि स्टॉक में कक्षा 6 से 12 तक की लाखों एनसीईआरटी की किताबें मौजूद थी। बरामद किताबों का मूल्य करोड़ों में होने का अनुमान है। हालांकि सीईओ और तहसीलदार ने इस मामले से संबंधित जानकारी देने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने दावा किया कि ये किताबें उत्तराखंड सरकार द्वारा अधिकृत नहीं हैं और पूरी तरह से फर्जी हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले की जानकारी एनसीईआरटी को दी गई है और और टीम जल्द ही रुद्रपुर आकर असली और नकली किताबों की पहचान करेगी। लेकिन सच्चाई यह है कि नियमों के अनुसार किताबें नकली हैं और अभिभावकों को धोखा देने के लिए एक बड़ा खेल खेला गया है। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि गोदाम को सील कर दिया है गोदाम मालिक को भी तलब किया गया है। मौके पर गोदाम मालिक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को किराएदार द्वारा दिया गया एफीडेविट दिया है। पुलिस ने कंटेनर को भी सील कर दिया है। कोतवाल ने बताया कि एफआईआर दर्ज की जाएगी। किताबों की गिनती की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एनसीईआरटी पुस्तकों का जखीरा बरामद होने पर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इसके साथ ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। इस कार्रवाई में कोतवाल मनोज रतूड़ी के निर्देशन में एसएसआई अनिल जोशी के नेतृत्व में चौकी तेल मिल प्रभारी प्रियांशु जोशी, हल्का इंचार्ज एसआई चंदन बिष्ट, एसआई अमित कुमार, कांस्टेबल हरी सिंह बिष्ट, दीप चंद्र, नरेश जोशी समेत अन्य पुलिस कर्मी जुटे। 

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
गांव कीरतपुर में पुलिस ने एनसीईआरटी की पुस्तकों से भरा गोदाम पकड़ा तो क्षेत्र में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक काम शिक्षा विभाग का और पुलिस कार्रवाई कर रही है। शिक्षा विभाग से संबंधित कोई मामला है। तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करनी। हालांकि शिक्षा विभाग ने मामले को एनसीईआरटी के पाले में डालकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किताबों के साथ एक कंटेनर भी जब्त कर लिया है। अब सवाल यह उठता है कि ये किताबें असली हैं या नकली। फिलहाल प्रारंभिक जांच में यह मामला फर्जी प्रतीत होता है।