Aug 21, 2026 Login

नगरासू गुरुद्वारा विवादः 27 घंटे बाद नीचे उतरे निहंग! सेवादार को भी छोड़ा, प्रशासन ने की अफवाहों से बचने की अपील

Nagrasu Gurudwara Standoff: Nihangs come down after 27 hours! Sevadar released; administration urges public to avoid rumors.

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ हाई वोल्टेज घटनाक्रम रविवार शाम करीब 27 घंटे बाद काफी हद तक शांत हो गया। जिला प्रशासन और निहंगों के बीच लगातार चली वार्ताओं के बाद निहंगों ने गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल से नीचे उतरना शुरू किया और अपने कब्जे में रखे गए सेवादार नवतेज सिंह को भी मुक्त कर दिया। हालांकि देर शाम तक कुछ निहंग गुरुद्वारे के भीतर मौजूद थे, जिनसे प्रशासन की बातचीत जारी रही। घटनाक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर सुरक्षा छावनी में तब्दील रहा। पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान पूरे समय मौके पर तैनात रहे। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। जानकारी के अनुसार, नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग को लेकर अड़े हुए थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर मोर्चा संभाल लिया था। प्रशासन की ओर से कई दौर की वार्ता की गई, लेकिन शुरुआती प्रयासों में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। रविवार को दिनभर अधिकारियों ने बातचीत जारी रखी। शाम के समय प्रशासन और निहंगों के बीच हुई एक और महत्वपूर्ण वार्ता के बाद स्थिति में नरमी आई और निहंग नीचे उतरने के लिए तैयार हो गए। इसके साथ ही बंधक बनाए गए सेवादार को भी रिहा कर दिया गया। इससे पहले गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बाबा बेहंत सिंह ने बताया कि निहंगों ने दो लोगों को अपने कब्जे में रखा हुआ था। इनमें से एक व्यक्ति को शनिवार देर रात ही छोड़ दिया गया था, जबकि एक सेवादार रविवार शाम तक उनके पास था। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और वार्ता के बाद उसे भी सुरक्षित मुक्त करा लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई और नियमित धार्मिक गतिविधियां भी संचालित होने लगीं। गुरुद्वारे में अरदास और लंगर की व्यवस्था पूर्ववत जारी रही।

निहंग अकाल सिंह ने जारी किया बयान
गुरुद्वारे से बाहर आने के बाद निहंग अकाल सिंह ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथी पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हम सही सलामत हैं। हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नागरसू आए थे। यहां किसी बात को लेकर मतभेद हो गया। इस कारण हमने मोर्चा लगा लिया। अब हम नीचे उतर आए हैं। पुलिस प्रशासन ने हमारा सहयोग किया। अब हम घर जा रहे हैं। 

आईजी गढ़वाल ने बताया आपसी विवाद
गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने पूरे मामले को आपसी विवाद बताया। उन्होंने कहा कि निहंगों का किसी आम नागरिक या पुलिस प्रशासन से कोई सीधा विवाद नहीं था। आईजी ने कहा कि गुरुद्वारे में लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच विवाद हो गया था। इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिली तो पुलिस पहुंच गई। निहंगों को लगा कि प्रबंध कमेटी ने पुलिस बुला ली है। दोनों बंधकों को छोड़ दिया गया है। निहंगों की कुछ मांगें हैं, जिन पर बातचीत चल रही है। निहंगों का विवाद जनता या पुलिस से नहीं है। घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट के संबंध में विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम ने अफवाहों से बचने की अपील की
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और स्थिति नियंत्रण में है। डीएम ने कहा कि नगरासू गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी है। सभी से अपील है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें। गुरुद्वारे में किसी प्रकार के कब्जे, हिंसा या बंधक बनाए जाने जैसी बातें असत्य एवं अपुष्ट हैं।