नगरासू गुरुद्वारा विवाद: ध्यान भटकाने को पत्थरबाजी, तलवार लहराई,3 निहंग उतरे, 4 अब भी छत पर डटे,डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा
रुद्रप्रयाग। नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में पिछले तीन दिनों से चला आ रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा और गतिरोध अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर कब्जा जमाकर बैठे सात निहंग सिखों में से तीन निहंग आखिरकार नीचे उतर आए हैं। इनमें से दो को पुलिस प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के बाद उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया है, जबकि चार निहंग अब भी हथियारों के साथ छत पर मोर्चा संभाले हुए हैं।
गुरुद्वारा परिसर में उस समय भारी तनाव फैल गया जब छत पर डटे निहंगों में से दो निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल तक पहुंचे। रणनीति के तहत एक निहंग भोजन लेकर वापस ऊपर चला गया, लेकिन जैसे ही दूसरे निहंग को पुलिस ने मौके पर रोकने का प्रयास किया, छत पर मौजूद उनके साथियों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अचानक भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान एक निहंग हाथ में नंगी तलवार लहराते हुए पुलिस की तरफ आगे बढ़ा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि तीसरी और चौथी मंजिल पर अवैध रूप से डटे निहंग लगातार गुरुद्वारे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दीवारों और अंदरूनी हिस्सों को तोड़ा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि तोड़ी गई इसी निर्माण सामग्री और मलबे को निहंग पुलिस के खिलाफ अपने बचाव और हमले के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पूरे विवाद को कर्णप्रयाग में हुई पिछली घटना से जोड़ रहे हैं। उनकी मांग है कि वहां पकड़े गए उनके साथियों को तुरंत रिहा किया जाए। पुलिस ने साफ किया है कि इस विवाद का कर्णप्रयाग की घटना से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह आंतरिक मतभेद का मामला है। एसपी निहारिका तोमर ने बताया कि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच आपसी सहमति न बनने पर मतभेद गहरा गया था। जब मामला हाथ से निकलने लगा, तो कमेटी ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही निहंग राशन और हथियारों के साथ ऊपरी मंजिलों पर चले गए और खुद को अंदर बंद कर लिया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने खुद मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम, जिसमें एडीएम श्याम सिंह राणा, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी और सीओ विकास पुंडीर शामिल थे, ने ऊपरी मंजिल पर डटे निहंगों से खिड़की के जरिए वार्ता की और उनकी मांगें सुनीं। प्रशासन का कहना है कि वे किसी भी तरह के बल प्रयोग के बजाय मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस गतिरोध का स्थानीय निवासियों से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन वे सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात कुछ संदिग्ध बाहरी लोग गुरुद्वारे के आसपास मंडराते देखे गए हैं, जिससे माहौल और बिगड़ सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि रातों में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में इन बाहरी तत्वों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह सामान्य रूप से चल रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर गुरुद्वारे में भारी मात्रा में पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही फिलहाल प्रभावित हुई है। पिछले तीन दिनों से लंगर सेवा भी बेहद सीमित स्तर पर चलाई जा रही है।