मानसून की पहली दस्तक बनी आफतः उत्तराखंड में नौ ग्रामीण सड़कें बंद! 40 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा, हिमाचल के चंबा में बरपाया कहर
देहरादून/चंबा। उत्तराखण्ड में मानसून की दस्तक के साथ ही पहाड़ों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ दरक गए हैं, जिससे प्रदेश की नौ ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से 40 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट गया है। करीब 15 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें दैनिक जरूरतों की वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़कों पर आ गए हैं। प्रशासन द्वारा सड़कें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा बन रही है। कई जगहों पर फंसे यात्रियों को स्वयं मलबे के बीच से रास्ता बनाकर निकलने को मजबूर होना पड़ा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। इधर मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले चार दिनों तक भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार एक जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दो जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बेहद भारी वर्षा होने का अनुमान है। तीन और चार जुलाई को भी पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
उधर, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मानसून ने भारी तबाही मचाई है। चंबा जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत लनोट के लनोट और फगड़ोग गांवों में बारिश का पानी और भारी मात्रा में मलबा घरों में घुस गया, जिससे कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार फगड़ोग गांव में तानी पुत्र कंठ और नारद पुत्र लछमण के मकानों में मलबा भर गया। नारद के मकान में दरारें भी आ गई हैं, जिससे भवन को गंभीर क्षति पहुंची है। घटना की सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत लनोट के प्रधान देसराज मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बादल फटने जैसी स्थिति बनने के बाद अचानक भारी मात्रा में मलबा नीचे आयाए जिससे मकानों को नुकसान पहुंचा। मामले की सूचना प्रशासन को दे दी गई है और राहत कार्य शुरू करने की मांग की गई है। इसी बीच पंगोला नाला के पास भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने से चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क बंद होने के कारण लगभग 25 से अधिक पंचायतों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।