चमोली टनल हादसाः एक और श्रमिक का शव बरामद! दो मजदूर अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
चमोली। मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान शनिवार को भी लगातार जारी रहा। अभियान के दौरान रेस्क्यू टीमों को एक और लापता श्रमिक का शव बरामद करने में सफलता मिली है। इसके साथ ही पीपलकोटी टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। हादसे के बाद अब भी दो श्रमिक लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए टनल के भीतर सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। पीपलकोटी चौकी इंचार्ज लक्ष्मीकांत बिजलवाण ने बताया कि हादसे में लापता तीन श्रमिकों में से एक श्रमिक का शव शनिवार को बरामद किया गया। मृतक की पहचान देवनाथ पुत्र धनसु राम बघेल, निवासी ग्राम दहीगोंडा, पोस्ट ऑफिस दहीगोंडा, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। शव बरामद होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर पानी का अधिक जमा होना बचाव टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। टनल में भरे पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप समेत अन्य उपकरणों की मदद ली जा रही है। रेस्क्यू टीमों का प्रयास है कि पानी का स्तर जल्द से जल्द कम किया जाए, जिससे टनल के भीतर आवाजाही आसान हो सके और उन स्थानों तक पहुंच बनाई जा सके, जहां लापता श्रमिकों के होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, पानी का स्तर कम होने के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आने की उम्मीद है। इसके बाद बचाव दल टनल के अंदर संभावित स्थानों तक पहुंचकर लापता श्रमिकों की तलाश को और तेज कर सकेगा। प्रशासन ने अभियान में उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मौके पर उपलब्ध मशीनरी और अन्य उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टनल के भीतर सभी संभावित स्थानों पर सघन खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अब तक 8 श्रमिकों की मौत, 12 सुरक्षित बाहर निकाले गए
पीपलकोटी टनल हादसे के बाद अब तक आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है। मृतकों में उत्तर प्रदेश के तीन, उत्तराखंड के दो और छत्तीसगढ़ के तीन श्रमिक शामिल हैं। वहीं हादसे के बाद 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 11 घायल श्रमिकों का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि एक मजदूर को मामूली चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल दो श्रमिक टनल के भीतर लापता हैं। ऐसे में रेस्क्यू टीमों का पूरा फोकस दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। टनल के भीतर पानी की निकासी और सर्च ऑपरेशन एक साथ चलाया जा रहा है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं और अभियान को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।