आधी रात चुनिंदा मीडिया तक पहुंचा PWD का पत्र, व्यापार मंडल को नहीं मिली सूचना! रात धरना स्थगित होने की अफवाह से मचा भ्रम, पुनीत टंडन ने जताई नाराजगी

A PWD letter reached select media outlets at midnight, yet the traders' association received no notification; rumors that the sit-in was being called off for the night caused confusion, and Puneet Ta

नैनीताल। लोअर मॉल रोड को लेकर शनिवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन से पहले PWD के एक पत्र को लेकर संचार व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि विभाग की ओर से जारी पत्र देर रात चुनिंदा पत्रकारों तक तो पहुंचा, लेकिन इसकी सूचना पूरी मीडिया को नहीं दी गई। यहां तक कि धरना प्रदर्शन की घोषणा करने वाले मां नैना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन तथा मंडल के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों तक भी पत्र की जानकारी नहीं पहुंची। इस बात से पुनीत टंडन ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि ये सब जानबूझकर एक सोची समझी साजिश रची गई थी ताकि ये धरना प्रदर्शन स्थगित हो जाए। PWD के प्रांतीय खंड नैनीताल के अधिशासी अभियंता की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी पत्र सीधे पुनीत टंडन के नाम संबोधित है। पत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई 15 अगस्त को अपराह्न 4 बजे लोअर मॉल रोड पर धरना दिए जाने की सूचना का उल्लेख करते हुए विभाग ने लोअर मॉल रोड पर चल रहे कार्य की स्थिति और प्रगति की जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि लोअर मॉल रोड की कुल लंबाई 1435 मीटर है और क्षतिग्रस्त हिस्से में स्थायी उपचार के चलते लगभग 600 मीटर लंबाई प्रभावित है।

पत्र में विभाग ने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा है कि शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही 15 सितंबर 2025 को हुई अतिरिक्त क्षति के संबंध में 24 जुलाई 2026 को 132.38 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने और कार्य को 5 सितंबर 2026 तक पूरा करने की बात भी कही गई है। हालांकि, पत्र की एक प्रति जिला अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और उपजिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख है, लेकिन पत्र के संचार को लेकर व्यापार मंडल की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि यदि पत्र पुनीत टंडन के नाम जारी किया गया था, तो उन्हें इसकी जानकारी सीधे क्यों नहीं दी गई। इसी बीच पत्र के चुनिंदा मीडिया तक पहुंचने के बाद शहर में यह चर्चा फैल गई कि पुनीत टंडन ने अपना धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। इससे व्यापारियों और आम लोगों के बीच भी भ्रम की स्थिति पैदा हुई। बाद में पुनीत टंडन ने स्पष्ट किया कि धरना स्थगित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन किया जाएगा।

अब इस पूरे घटनाक्रम ने एक अलग सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पत्र सीधे धरना आयोजक के नाम जारी किया गया था, तो इसकी जानकारी उन्हें समय पर क्यों नहीं मिली? यदि विभाग की ओर से सूचना सार्वजनिक करना उद्देश्य था तो इसे सूचना विभाग के आधिकारिक मीडिया WhatsApp ग्रुप समेत सभी संबंधित पक्षों तक एक साथ क्यों नहीं पहुंचाया गया? लोअर मॉल रोड की बदहाली और निर्माण कार्य में देरी को लेकर पहले से ही व्यापारियों में नाराजगी है। ऐसे में आधिकारिक सूचना के कथित selective circulation और उसके बाद फैली धरना स्थगित होने की अफवाह ने प्रशासन और विभाग की communication व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।