चर्चाओं में उत्तराखण्ड के मोहम्मद दीपकः सोशल मीडिया से लेकर सियासी हलकों तक! राहुल गांधी ने बताया हीरो, लिखा- हम तुम्हारे साथ हैं भाई... डरो मत

Mohammad Deepak of Uttarakhand is in the news: From social media to political circles! Rahul Gandhi called him a hero and wrote, "We are with you, brother... Don't be afraid."

कोटद्वार। उत्तराखण्ड के कोटद्वार निवासी जिम संचालक दीपक कुमार इन दिनों खासे चर्चाओं में बने हुए हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक हर तरफ उन्हीं के नाम की चर्चा हो रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उनकी तारीफ किए बिना खुद को नहीं रोक पाए हैं। राहुल गांधी ने एक्स पर ट्वीट कर दीपक को हीरो बताया है। उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं। उस संविधान के लिए जिसे बीजेपी और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साजिश कर रहे हैं। वे नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है। दरअसल, पूरा विवाद 28 जनवरी का है, जब कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार ने अपनी दुकान का नाम ‘बाबा’ नाम पर रखा था जिसपर हिंदू संगठनों के लोगों को आपत्ती जताई थी। उस दौरान दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर मुस्लिम दुकानदार के लिए हिन्दूवादी संगठन से जुड़े लोगों का विरोध जताया। वे भीड़ से पूछते हैं कि 30 साल पुरानी दुकान का नाम बदलवाना क्या सही है? हालांकि दीपक की बातचीत और थोड़ी देर हुई बहस के बाद संगठन के लोग वहां से चले गए, लेकिन इस पूरी घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, वैसे ही हर तरफ वायरल होने लगा। वीडियो पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।  

दुकानदार ने किया था नाम बदलने का वादा

दुकानदार और संगठन के लोगों के बीच हुआ यह विवाद पहला नहीं है। इससे पहले भी दोनों के बीच भी नाम को लेकर ही विवाद हो चुका है। लगभग ढाई महीने पहले दुकानदार शोएब ने संगठन के लोगों को आश्वासन दिया था कि वह दुकान दूसरी जगह ले जाने के बाद इसका नाम बदल लेगा। 15 दिन पहले शोएब ने अपनी दुकान पटेल मार्ग पर अपनी मूल जगह से लगभग 30-40 मीटर दूर एक नई जगह पर शिफ्ट कर दी। जगह बदलने के बावजूद दुकान के नाम को लेकर विरोध प्रदर्शन फिर से भड़क उठा। 

वायरल वीडियो के बाद हुआ विरोध प्रदर्शन
मामले में 31 जनवरी को स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब गौ रक्षा दल के प्रदेश प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में बजरंग दल के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए दुकान पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि दुकान के बाहर बड़ी भीड़ जमा हो गई। नारे लगाए गए और दीपक कुमार की गिरफ्तारी की मांग की गई, जिस पर उन्होंने ऑनलाइन विवादित सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया था। विरोध प्रदर्शनों के बाद कोटद्वार पुलिस ने रविवार को तीन अलग.अलग मामले दर्ज किए। पहला मामला 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया जो विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। दूसरा मामला स्थानीय वकील अहमद की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। अहमद ने प्रदर्शनकारियों पर गाली-गलौज और जातिवादी भाषा का इस्तेमाल करने और सार्वजनिक शांति भंग करने का आरोप लगाया। तीसरा मामला कोटद्वार के एक और निवासी कमल प्रसाद की शिकायत के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि प्रसाद ने जिम मालिक दीपक कुमार और उनके साथियों पर 28 जनवरी को हुए टकराव के दौरान अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हिंसा की धमकी देने का आरोप लगाया।