सिलक्यारा टनल में आधी रात को मौत का तांडव: काम के दौरान ऊपर से गिरा भारी पत्थर, झारखंड के श्रमिक की गई जान

Midnight tragedy in Silkyara Tunnel: Heavy stone falls from above during work, claiming the life of a laborer from Jharkhand.

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित चर्चित सिलक्यारा टनल एक बार फिर बड़ी लापरवाही और दर्दनाक हादसे का गवाह बनी है। चिन्यालीसौड़ स्थित निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल के भीतर काम करते समय एक बड़ा पत्थर गिरने से उसकी चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद टनल के भीतर काम करने वाले अन्य श्रमिकों में दहशत का माहौल है, वहीं निर्माण कर रही कंपनी प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह बेहद दर्दनाक हादसा 15 जुलाई की मध्य रात्रि करीब 12:20 बजे हुआ। टनल के भीतर निर्माण कार्य हमेशा की तरह सामान्य रूप से चल रहा था और मृतक मजदूर टनल की गहराई में मुस्तैदी से अपने काम में जुटा हुआ था। इसी दौरान टनल की ऊपरी सतह से अचानक एक भारी-भरकम पत्थर भरभराकर सीधे मजदूर के ऊपर गिर गया। पत्थर इतना विशाल था कि श्रमिक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वह पत्थर की चपेट में आकर बुरी तरह लहूलुहान हो गया। अचानक हुए इस अप्रत्याशित हादसे से टनल के अंदर चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद अन्य साथी मजदूर बुरी तरह सहम गए। पत्थर की सीधी टक्कर से मजदूर के सिर, छाती और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों में बेहद गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों ने आनन-फानन में घायल मजदूर को मलबे से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगांव पहुंचाया। अस्पताल लाते समय मजदूर की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी। सीएचसी नौगांव के डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया और तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू किया। हालांकि, घाव इतने गहरे थे और अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृत मजदूर मूल रूप से झारखंड का निवासी था और लंबे समय से यहां मजदूरी कर रहा था। हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मृतक श्रमिक के परिजनों को झारखंड में इस दुखद घटना की सूचना दे दी है, जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि अब आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और नियमानुसार दी जाने वाली सहायता संबंधी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि टनल के भीतर काम करने वाले मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगी है और सुरक्षा के दावों में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।