देवघर में भीषण अग्निकांड: कुंडा मोड़ पर दो दुकानें जलकर राख, 20 लाख से अधिक की संपत्ति का भारी नुकसान
देवघर। झारखंड के देवघर जिले से एक बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आ रही है, जहां रविवार की अहले सुबह एक भीषण अग्निकांड में दो दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। मामला कुंडा थाना क्षेत्र के व्यस्त कुंडा मोड़ का है। आग की लपटें इतनी भयानक और तेज थीं कि उन्हें देखकर आसपास के रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। इस अचानक हुए हादसे में दुकानदारों को भारी आर्थिक झटका लगा है और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना रविवार सुबह की है, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इसी बीच कुंडा मोड़ पर स्थित दुकानों से अचानक धुआं और आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। जब तक आसपास के लोगों की नजर आग पर पड़ी और वे कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। सजग नागरिकों ने तुरंत इस घटना की जानकारी दोनों संबंधित दुकान मालिकों और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) विभाग को दी।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी देखी गई कि सूचना देने के बावजूद अग्निशमन विभाग की टीम करीब एक से डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। इस समयावधि के दौरान आग पूरी तरह बेकाबू हो चुकी थी और उसने पहली दुकान को खाक करने के बाद बराबर में स्थित दूसरी दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया था। बाद में मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया। दुकान के संचालक संजय कुमार ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि उनकी दुकान में भारी मात्रा में हार्डवेयर और प्लाइवुड का कीमती सामान स्टॉक था। प्लाइवुड होने के कारण आग ने तुरंत रफ्तार पकड़ ली। उनके अनुसार, इस हादसे में उन्हें अकेले 15 से 16 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। इस दूसरी दुकान के संचालक राजेश ने बताया कि आग की चपेट में आने से उनकी दुकान में रखा एक-एक सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया है। उन्हें भी कई लाख रुपये की भारी क्षति पहुंची है। हालांकि, यह गनीमत रही कि घटना सुबह के वक्त हुई जब दुकानें बंद थीं, जिसके कारण इस भयानक हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि (कोई हताहत) नहीं हुई। वही इस अग्निकांड ने एक बार फिर व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और दमकल विभाग की तत्परता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से उचित मुआवजे और सहायता की गुहार लगाई है।