उत्तराखण्ड में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट! खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा-मंदाकिनी, सीएम धामी ने सचिव आपदा से की बात

Major weather alert for Uttarakhand! Alaknanda and Mandakini rivers flowing above danger mark; CM Dhami speaks to the Disaster Management Secretary.

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से फोन पर बातचीत कर प्रदेश के विभिन्न जिलों की स्थिति की जानकारी ली और सभी संबंधित विभागों को संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने, नदी-नालों के जलस्तर पर विशेष नजर बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के शेष सभी जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पूरे प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

85 सड़कें बंद, कई जिलों का संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेशभर में 85 सड़कें बंद हो गई हैं। सबसे अधिक 20 सड़कें चमोली जिले में अवरुद्ध हैं। इसके अलावा बागेश्वर में 10, पिथौरागढ़ में 13, देहरादून में 7, नैनीताल में 8, पौड़ी में 5, रुद्रप्रयाग में 6, टिहरी में 8, उत्तरकाशी में 6 तथा अल्मोड़ा में 2 सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हो गया है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के बीच गुरुवार सुबह विजयनगर-तैला मोटर मार्ग पर एक बार फिर भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह सड़क 80 से अधिक गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर लगातार भूधंसाव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर
रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से हो रही लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार सुबह अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जो निर्धारित खतरे के निशान 626.00 मीटर से ऊपर है। प्रशासन ने नगर पालिका और नगर पंचायतों के माध्यम से लाउडस्पीकर से लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की अपील की है। पिछले 24 घंटों में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

यमुनोत्री हाईवे पर टला बड़ा हादसा
यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के समीप बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। उत्तर प्रदेश के दो कांवड़ यात्री यमुनोत्री धाम से लौट रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरने लगा। जान बचाने के लिए दोनों यात्रियों को अपनी बाइक सड़क पर छोड़कर भागना पड़ा। कुछ देर तक भूस्खलन जारी रहने के बाद यातायात सावधानीपूर्वक बहाल किया गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार ने संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने की मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच विचार-विमर्श चल रहा है।

घुत्तू बाजार में भीषण लैंडस्लाइड, कई मकानों पर खतरा
टिहरी जिले के भिलंगना विकासखंड के घुत्तू क्षेत्र में बुधवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद मुख्य बाजार में भीषण भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बाजार क्षेत्र में आ गए, जिससे कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। एक वाहन भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद प्रशासन, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबा हटाने का कार्य जारी है तथा प्रभावित भवनों का आकलन किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की भी तैयारी की जा रही है। स्थानीय निवासी भजन रावत और रवि कंडारी ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। वहीं एसडीएम मंजू राजपूत ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेज दिया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।