Oct 27, 2026 Login
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बड़ी खबरः मानहानि केस में राहुल गांधी बरी! साक्ष्यों के अभाव में सुल्तानपुर कोर्ट ने दी बड़ी राहत, महज 14 मिनट अदालत में रहे नेता प्रतिपक्ष, 10 मिनट में जज ने सुनाया फैसले का आधार

Big news: Rahul Gandhi acquitted in defamation case! The Sultanpur court granted major relief, citing a lack of evidence. The Leader of the Opposition spent just 14 minutes in the courtroom, and the

सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से बरी हो गए हैं। उन पर अमित शाह पर टिप्पणी करने का आरोप था। फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। यह मामला 2018 से चल रहा था। राहुल गांधी इस मामले में पहले भी कोर्ट में पेश हो चुके थे। सोमवार को वह कोर्ट परिसर में 11 बजकर 19 मिनट में दाखिल हुए। 11 बजकर 33 मिनट में वह कोर्ट से बाहर आ गए। कोर्ट के अंदर लगभग दस मिनट में जज ने पूरे मामले को बताते हुए यह जानकारी भी दी कि उन्हें क्यों बरी किया गया। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने मामले में राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने साल 2018 में राहुल गांधी के जरिये गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। मामले मे बहस की कार्यवाही लम्बे समय बाद गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी।

मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार किया था,पर उसे सदभाव मे दिए जाने एवं किसी को अपमानित करने के इरादे से बयान नहीं देने व तोड़-मरोड़कर बयान पेश किए जाने समेत अन्य तर्क रखे थे। वहीं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित बयान देने की बात स्वीकार करने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिए जाने की मांग अदालत से किया था। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनकर सोमवार को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित किया था। अदालत ने अपने फैसले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए दोषमुक्त करार दिया है। कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने साल 2018 में राहुल गांधी के जरिये गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। मामले मे बहस की कार्यवाही लम्बे समय बाद गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी। मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार किया था,पर उसे सदभाव मे दिए जाने एवं किसी को अपमानित करने के इरादे से बयान नहीं देने व तोड़-मरोड़कर बयान पेश किए जाने समेत अन्य तर्क रखे थे। वहीं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित बयान देने की बात स्वीकार करने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिए जाने की मांग अदालत से किया था। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनकर सोमवार को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित किया था। वहीं आज अदालत ने अपने फैसले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।