झारखंड पुलिस को मिली बड़ी सफलता: पीएलएफआई के दो उग्रवादी हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार, लेवी वसूलने और दहशत फैलाने की साजिश नाकाम

Major success for Jharkhand Police: Two PLFI militants arrested with weapons and ammunition; plot to extort levies and spread terror foiled.

लातेहार पुलिस को उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया के दो सक्रिय उग्रवादियों को बालूमाथ क्षेत्र से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों उग्रवादी किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने और क्षेत्र में दहशत फैलाकर लेवी (रंगदारी) वसूलने की फिराक में थे। समय रहते हुई पुलिसिया कार्रवाई से एक बड़ी उग्रवादी साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान संजय सिंह और मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है। दोनों आरोपी पड़ोसी जिले लोहरदगा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि लातेहार पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई के कुछ उग्रवादी एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर चंदवा से बालूमाथ की तरफ आ रहे हैं। वे बालूमाथ और बरियातू इलाके में दहशत फैलाने और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर डीएसपी उमेश कुमार सिंह की अगुवाई में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने बालूमाथ थाना क्षेत्र के मकइयाटांड़ पुलिस पिकेट के पास तुरंत नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान चंदवा की ओर से एक बाइक पर सवार होकर आते दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस बल को देखते ही दोनों आरोपियों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि वे पीएलएफआई संगठन के लिए काम करते हैं और क्षेत्र में रंगदारी वसूलने की नीयत से आए थे। डीएसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि अगर सही समय पर कार्रवाई न होती तो उग्रवादी क्षेत्र की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते थे। इस सफल छापेमारी अभियान में डीएसपी के अलावा बालूमाथ थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार, बरियातू थाना प्रभारी रंजन पासवान, सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार और अभिमन्यु कुमार समेत सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।