गढ़वा जिला प्रशासन का बड़ा कीर्तिमान: एसआईआर अभियान में प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण,5.5 लाख से अधिक मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा

Major milestone for Garhwa district administration: 100% distribution of forms during the SIR campaign; digitization of over 5.5 lakh voters completed.

गढ़वा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गढ़वा जिला प्रशासन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जिले में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। जिला प्रशासन के सटीक प्रबंधन के चलते जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस पूरे अभियान पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा स्वयं पैनी नजर बनाए हुए हैं। नियमित समीक्षा बैठकों और त्वरित दिशानिर्देशों का ही नतीजा है कि गढ़वा ने डिजिटल डेटाबेस तैयार करने और बीएलओ सत्यापन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अभियान के तहत तकनीकी टूल्स का उपयोग करते हुए रिकॉर्ड समय में डेटा को ऑनलाइन और डिजिटल स्वरूप दिया गया है। जिले की अब तक की समेकित प्रगति रिपोर्ट बेहद प्रभावी है। जिले भर में कुल 8,62,092 गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका है।बांटे गए प्रपत्रों में से 5,55,677 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य संपन्न कर लिया गया है। बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 5,55,030 प्रपत्रों का घर-घर जाकर सफल भौतिक सत्यापन किया जा चुका है। इसके साथ ही 644 प्रपत्रों का ऑनलाइन सबमिशन भी पूरा हो गया है। जिले के दोनों प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में प्रशासन ने बेहतरीन समन्वय के साथ काम किया है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले के समस्त नागरिकों और मतदाताओं से इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय और पारदर्शी मतदाता सूची ही हमारे लोकतंत्र की सबसे मजबूत बुनियाद है। उपायुक्त ने जनता से आग्रह किया है कि जब भी बीएलओ उनके घर आएं, तो उन्हें सही और अद्यतन जानकारी प्रदान करें। मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर गणना प्रपत्र को त्रुटिरहित भरें और समय पर जमा करें। नागरिकों का यह छोटा सा सहयोग मतदाता सूची से फर्जी या दोहरे नामों को हटाने और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासन का लक्ष्य तय समय-सीमा के भीतर बाकी बचे प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन और सत्यापन को भी शत-प्रतिशत पूरा करना है।