मुंबई में बड़ा हादसा: कुर्ला की 13 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, तीन बच्चों समेत 9 लोग घायल,मची अफरातफरी
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार सुबह मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई, जहां एक 13 मंजिला आवासीय इमारत के बिजली के डक्ट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस खतरनाक हादसे में तीन बच्चों सहित कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से स्थानीय रहवासियों में भारी दहशत का माहौल है।
मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में मंगलवार सुबह एक 13 मंजिला आवासीय इमारत में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इमारत के बिजली के डक्ट में लगी आग और उससे उठे घने धुएं के कारण तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत स्थिर बताई है। समय रहते दमकल विभाग की कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़े हादसे को टालने में मदद मिली। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, आग सुबह करीब 6 बजकर 53 मिनट पर कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर-5 में लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग बिजली के तारों और डक्ट में फैल गई। आवासीय इमारत में आग लगने की खबर मिलते ही संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। मुंबई अग्निशमन दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने सुबह 7 बजकर 21 मिनट तक आग पर काबू पा लिया। इस तरह करीब 28 मिनट के भीतर आग को नियंत्रित कर लिया गया। आग के कारण इमारत में धुआं भर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। अधिकारियों के मुताबिक, आठ लोगों ने दम घुटने की शिकायत की, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट आई। घायलों में पांच वर्ष का एक बच्चा, दो किशोरियां और एक बुजुर्ग भी शामिल हैं। अन्य घायलों की उम्र और चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई हैघटना के बाद सभी नौ लोगों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि अस्पताल में भर्ती सभी घायलों की हालत स्थिर बताई गई है। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुंबई अग्निशमन दल के साथ पुलिस, बिजली कंपनी, 108 एंबुलेंस सेवा और संबंधित वार्ड के कर्मचारियों को भी सहायता के लिए तैनात किया गया। आग बुझाने के साथ-साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाने और मौके पर राहत कार्य संचालित करने पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, आग से हुए नुकसान का आकलन भी किया जाना बाकी है। आग लगने की वास्तविक वजह की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मुंबई में ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है। कुर्ला की घटना से एक दिन पहले सोमवार सुबह दादर पश्चिम स्थित 50 मंजिला कोहिनूर स्क्वायर टावर में भी आग लग गई थी। शिवसेना भवन के सामने स्थित इस व्यावसायिक इमारत की पहली मंजिल पर बने एक होटल की रसोई में आग भड़की थी। दमकल विभाग के नियंत्रण कक्ष को सोमवार सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर घटना की सूचना मिली थी। इसके सात मिनट बाद, सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर, आग को स्तर-1 की श्रेणी में दर्ज किया गया। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं मिली। लगातार दो दिनों में ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं ने बिजली के तारों, अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की नियमित जांच के महत्व को रेखांकित किया है। कुर्ला की घटना में सभी घायलों की हालत स्थिर होना राहत की बात है, लेकिन आग के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की जांच से ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम तय हो सकेंगे।