जंतर-मंतर पर भारी बवाल: संसद मार्च पर अड़े प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, लुटियंस दिल्ली छावनी में तब्दील

Major commotion at Jantar Mantar: Police lathi-charge protesters adamant on marching to Parliament; Lutyens' Delhi turned into a fortress.

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के 'चलो संसद' मार्च को रोकने के लिए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने लाठीचार्ज कर दिया। कॉकरोच जनता पार्टी और लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़े हजारों प्रदर्शनकारी सुबह 6:30 बजे से ही जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हो गए थे। संसद भवन की तरफ बढ़ रही उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद पूरे लुटियंस दिल्ली इलाके में बेहद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

संसद सत्र के मद्देनजर दिल्ली पुलिस सुबह से ही हाई अलर्ट पर थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मार्च को आधिकारिक अनुमति नहीं दी थी। एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर और संसद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए इलाके में 5,000 से अधिक पुलिस और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। इसके साथ ही प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे धरना स्थल क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से धारा 163 लागू कर दी थी, ताकि भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके। जब सीजेपी के बैनर तले प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास करने लगे, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों और आरपीएफ कर्मियों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। स्थिति को बेकाबू होता देख दिल्ली पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सीजेपी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "जोरदार बारिश और भारी सुरक्षा, लेकिन आज हमें कोई नहीं रोक पाएगा।" संगठन का कहना है कि वे शिक्षा सुधारों पर सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इस भारी हंगामे के बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंच गए। जंतर-मंतर पर मौजूद युवाओं में जोश भरते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "सरकार अपना 'धर्म' निभा रही है, पुलिस अपना 'धर्म' निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा बनने आया हूं।" उन्होंने आगे कहा कि एक भारतीय युवा होने के नाते वे युवाओं का दर्द अच्छी तरह समझते हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर पार्लियामेंट (संसद) तक लड़ाई लड़ेंगे। चलो संसद' मार्च के चलते पैदा हुए सुरक्षा संकट को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुबह बड़ा कदम उठाया था। सुरक्षा कारणों से केंद्रीय सचिवालय और व्यस्तम राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एग्जिट गेट और इंटरचेंज सुविधाओं को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हालांकि, स्थिति पर आंशिक नियंत्रण पाने के बाद दोपहर को इन दोनों प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज और आवाजाही की सुविधाएं फिर से बहाल कर दी गईं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त बल मुस्तैद हैं।