काशीपुर किसान सुसाइड केसः कुमाऊं कमिश्नर से शुरू की मजिस्ट्रेट जांच! वीडियो में लिए गए नामों को नोटिस, एसआईटी का भी हुआ गठन
रुद्रपुर। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है। उन्होंने आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह द्वारा वीडियो में लिए गए नामों को नोटिस जारी करते हुए बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही थाना आईटीआई में दर्ज मुकदमे में 26 लोगों के खिलाफ एसएसपी ने एसआईटी का गठन कर मामले में निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी टीम की कमान एसपी क्राइम आईपीएस निहारिका तोमर को सौंपी गई है। टीम में 3 निरीक्षक, दो उप निरीक्षक और दो सिपाहियों को रखा गया है। दरअसल, बीते दिनों पेंगा निवासी एक किसान ने हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान द्वारा एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड भी किया गया था। इस घटना के बाद हल्द्वानी से लेकर देहरादून तक हड़कंप मचा रहा। किसान के परिजनों ने सरकार से मांग की थी कि वीडियो को एविडेंस मानते हुए वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसान का पैसे जो लोग हड़पे हैं, उन्हें वापस कराया जाए। इसपर शासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी है। 12 जनवरी को प्रशासन के साथ हुई परिजनों की बैठक में दो मांगों को मान लिया गया था। मृतक किसान के दाह संस्कार के बाद थाना आईटीआई के एसओ कुन्दन सिंह रौतेला और एक उप निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही पेंगा चौकी इंचार्ज सहित 10 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। दोपहर बाद मृतक किसान के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ थाना आईटीआई में मुकदमा दर्ज किया गया।