नैनीतालः नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी नरेश पांडे को बड़ा झटका! कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज, पुलिस ने साक्ष्यों और आपराधिक रिकॉर्ड का दिया हवाला
नैनीताल।
नैनीताल में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में जिला कोर्ट ने आरोपी नरेश पांडे की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और उसके आपराधिक रिकॉर्ड का विस्तृत उल्लेख किया है। जिसके बाद नरेश पांडे की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस की ओर से प्रस्तुत लिखित नोट में कहा गया है कि पीड़िता द्वारा थाना काठगोदाम में दी गई तहरीर, न्यायिक बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार सामने आई दूसरी पीड़िता ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि सह-अभियुक्ता (मामले में पहली शिकायतकर्ता) उसे अपने परिचित नरेश पांडे से मिलाने के बहाने होटल ले गई, जहां आरोपी नरेश पांडे ने 4 अक्टूबर 2025 को उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि घटना के समय पीड़िता की जन्मतिथि 16 नवंबर 2007 के अनुसार वह नाबालिग थी। ऐसे में आरोपी पर नाबालिग के साथ बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाने के आरोप हैं, जिनके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस नोट के अनुसार, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण 13 जुलाई 2026 को बीडी पांडे अस्पताल, नैनीताल में कराया गया। मेडिकल परीक्षण के दौरान भी पीड़िता ने डॉक्टरों को वही आरोप दोहराए, जो उसने अपनी तहरीर और बयान में लगाए थे। पुलिस का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता का हाइमन फटा हुआ पाया गया।
पुलिस ने यह भी कहा है कि आरोपी नरेश पांडे आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके खिलाफ थाना भवाली में मारपीट सहित कुल आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ दुष्कर्म से संबंधित एक अन्य मुकदमा भी थाना मल्लीताल में दर्ज है। उस मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय नैनीताल और उत्तराखंड हाईकोर्ट दोनों से खारिज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, वर्तमान मामले में सह-अभियुक्ता (पहली शिकायतकर्ता) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 143, 64 सहपठित 61(2)(ख) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 और 16/17 के तहत विवेचना जारी है। वहीं मुख्य आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ बीएनएस की धारा 64, 115, 351(3) सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं 3/4 और 16/17 के अंतर्गत जांच चल रही है।