जंतर-मंतर पर वर्दी में पहुंचा उत्तराखंड पुलिस का जवान! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, बैज उतारकर सीजेपी संस्थापक को पकड़ा दिया! बोला- कॉकरोचों की रक्षा...
रुद्रपुर/नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान शेर सिंह के रूप में बताई जा रही है, जो पूर्व में उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह पिथौरागढ़ जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हालांकि, उनकी वर्तमान सेवा स्थिति और वर्दी पहनकर प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर पुलिस स्तर पर तथ्यों की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो में शेर सिंह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह पुलिस सेवा और मौजूदा परिस्थितियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि जब देश ही नहीं बचेगा तो नौकरी का क्या करेंगे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि वह अब जनता और समाज के साथ खड़े होकर काम करना चाहते हैं।
पुलिस सेवा से इस्तीफा देने का दावा
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शेर सिंह ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। शेर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लेकर भी अनियमितताएं हो रही हैं। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शेर सिंह ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस घटना से आहत हैं। उन्होंने महिलाओं पर कथित लाठीचार्ज का भी जिक्र किया और कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस विभाग के कुछ अन्य जवान भी मौजूदा परिस्थितियों को लेकर नाराज हैं और आने वाले समय में कुछ और जवान इस्तीफा दे सकते हैं।
वर्दी से उतारा बैज, सीजेपी संस्थापक को सौंपा
प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह ने अपने कंधे पर लगा उत्तराखंड पुलिस का बैज उतारकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह अब नेताओं की सुरक्षा करने के बजाय जनता और समाज के लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में भगत सिंह के विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना बगावत है तो वह बागी हैं।
2025 में निलंबित हुए थे शेर सिंह
बताया जा रहा है कि शेर सिंह को वर्ष 2025 में निलंबित किया गया था। अब पुलिस अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और क्या उन्होंने वास्तव में पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया है। साथ ही निलंबन की स्थिति में वर्दी पहनकर सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में नियमों के तहत क्या कार्रवाई की जा सकती है, इसकी भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले पर उत्तराखंड पुलिस की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।