चर्चाओं में देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौरः दूषित पानी से मचा हाहाकार! अब तक 13 की मौत, 100 से ज्यादा की हालत गंभीर! सवाल पूछने पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय

Indore, the country's cleanest city, is in the news: Contaminated water has caused havoc! 13 dead so far, over 100 in critical condition! Kailash Vijayvargiya became enraged when asked questions.

नई दिल्ली। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इन दिनों खासे सुर्खियों में है। यहां दूषित पानी से मौतों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक दूषित पानी की वजह से 4 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय आंकड़े कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी, दस्त और डायरिया की वजह से 6 महीने के बच्चे समेत कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है। दूषित पानी को पीने की वजह से 1300 से ज्यादा लोग अभी भी बीमार हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। मामले की गंभीरता और इस घटना में होने वाली मौतों को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। 2 जनहित याचिकाओं की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने नगर निगम और राज्य सरकार को 2 जनवरी तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए अब तक नगर निगम के 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जबकि एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया है और कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इधर बुधवार को जब एक पत्रकार ने मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से गंदा पानी पीने से लोगों की मौत से जुड़ा सवाल किया तो मंत्री ने कहा कि फोकट प्रश्न मत पूछो। दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के दूषित पेयजल कांड को लेकर मीडिया के सवालों पर बुधवार रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अचानक आपा खो दिया और शब्दों की मर्यादा लांघते हुए कैमरों के सामने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में मंत्री ने माफी मांगते हुए अपने शब्द के लिए खेद प्रकट किया।