एशियन गेम्स में भारत का पदकों का धमाका, पिंकी का कांस्य पक्का,लवलीना सेमीफाइनल में, ईशा की नजर स्वर्ण पर
एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत ने टूर्नामेंट में अपना 38वां पदक हासिल कर लिया है, जो पिंकी बलहारा ने कुराश स्पर्धा में दिलाया। इसके साथ ही मुक्केबाजी में स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और निशानेबाजी में ईशा सिंह ने भी अपने-अपने मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पदक पक्के कर लिए हैं। वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता में भारत के पदकों की संख्या 38 तक पहुंच गई है। कुराश में पिंकी बलहारा ने महिलाओं के 78 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया, जबकि ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का एक और पदक पक्का कर दिया है। शूटिंग में ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है और अब उनकी नजर पदक का रंग बदलने पर है। महिलाओं के 78 किग्रा कुराश में पिंकी बलहारा ने कांस्य पदक जीता। उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की 2026 एशियन चैंपियन मो सुमिन से 0-5 से हारने के बाद कांस्य पदक हासिल किया। कुराश के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों के बीच कांस्य पदक के लिए अलग से मुकाबला नहीं कराया जाता। दोनों को कांस्य पदक दिया जाता है। इस तरह पिंकी ने भारत के पदक खाते में एक और पदक जोड़ा और 2018 एशियन गेम्स के अपने प्रदर्शन को दोहराया। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में ईशा सिंह ने दबाव के बीच बेहतरीन निशाना साधा। 40 शॉट के बाद ईशा 31 अंक के साथ तीसरे स्थान पर थीं, जबकि चीन की शियाओ जियारुइक्सियान और उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक 32-32 अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थीं। इससे पहले 25 शॉट के बाद ईशा 20 अंक के साथ शियाओ और किम के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थीं। निर्णायक दौर में ईशा ने एक और मजबूत सीरीज खेलकर अपना पदक पक्का किया। उनके पास अब कांस्य से आगे बढ़कर रजत या स्वर्ण पदक हासिल करने का मौका है। ईशा ने क्वालिफिकेशन में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, भारत की मनु भाकर व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकीं। वह 11वें स्थान पर रहीं, जबकि राही सरनोबत 30वें स्थान पर रहीं। टीम स्पर्धा में भी भारतीय टीम शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सकी और पांचवें स्थान पर रही। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने दक्षिण कोरिया की सूयोन सियॉन्ग को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारतीय मुक्केबाज ने मुकाबले के तीनों राउंड में दबदबा बनाए रखा। पांचों जजों ने उनके पक्ष में फैसला दिया। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ लवलीना ने भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। हालांकि उनकी नजर अब स्वर्ण पदक पर है। महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में चिकिता तनीपार्थी ने चीनी ताइपे की चेन यी-हुआन को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। 15 नियमित शॉट के बाद दोनों 148-148 की बराबरी पर थीं। शूट-ऑफ में चिकिता ने बुल्सआई पर निशाना साधकर बढ़त बनाई। चेन ने भी 10 अंक हासिल किए, लेकिन उनका तीर केंद्र से थोड़ा दूर रहा। अब क्वार्टर फाइनल में चिकिता का सामना इंडोनेशिया की नुरिसा दियान अशरीफा से होगा। इससे पहले चिकिता और ज्योति सुरेखा वेन्नम ने राउंड ऑफ-32 में अपने मुकाबले जीते थे। हालांकि, राउंड ऑफ-16 में ज्योति का सफर दक्षिण कोरिया की 14 वर्षीय कांग योनसेओ ने 150-146 से रोक दिया। महिला युगल में अंकिता रैना और ऋतुजा भोसले की जोड़ी को पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 7-5 से जीता, लेकिन कजाकिस्तान की यूलिया पुतिन्त्सेवा और अन्ना डेनिलिना ने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर वापसी की। टाई-ब्रेकर में कजाकिस्तान की जोड़ी ने 10-5 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया। बेहतर आईसीसी टी20 रैंकिंग के आधार पर भारत ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। इससे पहले हांगझोउ एशियन गेम्स में भी दोनों टीमों के बीच मुकाबला बारिश के कारण रद्द हुआ था और भारत को स्वर्ण पदक मिला था। एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का पदकों का सिलसिला जारी है। शूटिंग, मुक्केबाजी और कुराश के अलावा तीरंदाजी में भी भारतीय चुनौती बनी हुई है। ईशा और लवलीना के प्रदर्शन ने पदक तालिका में भारत के लिए एक और मजबूत दिन की उम्मीद बढ़ा दी है।