हाई कोर्ट ब्रेकिंग:जंगलों में लग रही आग पर हाई कोर्ट ने दिये अहम आदेश ! खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही जंगलों की रखवाली के लिए ग्राम पंचायतों को करे मजबूत करे सरकार:हाई कोर्ट
उत्तराखंड हाइकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में लग रही आग का स्वतः संज्ञान लेकर आज राज्य सरकार को अहम दिशा निर्देश जारी करते हुए, वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को 6 माह में भरने व ग्राम पंचायतों को मजबूत करने के साथ वर्ष भर जंगलो की निगरानी करने को कहा है। आज राज्य सरकार ने कोर्ट में जवाब पेश कर कहा कि विभाग में खाली पड़े पदोन्नति के फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर शैक्षणिक योग्यता घटाकर हाईस्कूल कर दी है ताकि विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों को भरा जा सके। वही राज्य से तरफ से कोर्ट को बताया गया है बाकि खाली पड़े 2 हजार पदों पर भर्ती प्रकिया जारी है। जिसपर कोर्ट ने राज्य सरकार से 4 सितंबर तक विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है।
मामले के अनुसार कोर्ट ने इन द मैटर आफ प्रोटेक्शन आफ फारेस्ट एरिया फारेस्ट हेल्थ एंड वाइल्ड लाइफ जनहित याचिका के स्वतः संज्ञान लिया है। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व राजीव बिष्ठ ने कोर्ट के सम्मुख प्रदेश के जंगलों में लग रही आग के सम्बंध में कोर्ट को अवगत कराया। उनका कहना था कि अभी प्रदेश के कई जंगल आग से जल रहे है और प्रदेश सरकार इस सम्बंध में कोई ठोस कदम नही उठा रही है।जबकि हाइकोर्ट ने 2016 में जंगलो को आग से बचाने के लिए गाइड लाइन जारी करी थी । कोर्ट ने गांव स्तर से ही आग बुझाने के लिए कमेटियां गठित करने को कहा था जिस पर आज तक अमल नही किया गया । सरकार जहां आग बुझाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग कर रही है उसका खर्चा बहुत अधिक है और पूरी तरह से आग भी नही बुझती है इसके बजाय गाँव स्तर पर कमेटियां गठित की जाय। कोर्ट ने विभिन्न पेपरों में आग को लेकर छपी खबरों का गम्भीरता से संज्ञान लिया कोर्ट ने सरकार से पूछा कि इसको बुझाने के लिए क्या क्या उपाय किए जा रहे है कोर्ट को अवगत कराएं।