Oct 14, 2026 Login
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ऊधम सिंह नगरः गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी पर घिरे इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ की बढ़ीं मुश्किलें! निलंबन की संस्तुति आईजी को भेजी! यूपी एसटीएफ से बचाने के आरोपों की होगी जांच

Udham Singh Nagar: Trouble mounts for Inspector Vikram Rathore over the arrest of gangster Yogesh Bhadauda! A recommendation for his suspension has been sent to the IG; allegations that he shielded t

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले में कुख्यात गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी के तरीके को लेकर विवादों में आए इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने इंस्पेक्टर के निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती को भेजी है। अब निलंबन को लेकर अंतिम फैसला आईजी स्तर से लिया जाना है। वहीं, मामले में विस्तृत जांच और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की चर्चा के बीच पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। गैंगस्टर की गिरफ्तारी से जुड़ा यह मामला आठ जुलाई 2026 का है। उस समय काशीपुर की आईटीआई कोतवाली के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ ने चैती मेला मार्ग क्षेत्र में एक खंडहर के पास से योगेश भदौड़ा को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद से ही कार्रवाई के तरीके और उसके पीछे की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे थे। मामला चर्चा में आने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब निलंबन की संस्तुति भेजे जाने के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। बता दें कि इस मामले में आवाज इंडिया ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। 

यूपी एसटीएफ से बचाने की कोशिश का आरोप
प्रारंभिक जांच के दौरान आरोप सामने आए कि कथित तौर पर पहले 112 हेल्पलाइन पर सूचना दिलवाई गई और इसके बाद आईटीआई कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजकर गैंगस्टर की गिरफ्तारी कराई गई। आरोप यह भी है कि इस पूरे घटनाक्रम के जरिए योगेश भदौड़ा को यूपी एसटीएफ के हाथों पकड़े जाने से बचाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में वास्तविक परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारी की भूमिका का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। प्रकरण को गंभीर मानते हुए एसएसपी अजय गणपति ने इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ के निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं को भेजी है। इसके साथ ही नियम 14(1) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, कार्रवाई की आगे की दिशा जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सक्षम अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी। मामले की जांच एसपी क्राइम अनुष्का बडोला को सौंपे जाने की चर्चा है। हालांकि, अनुष्का बडोला का कहना है कि अभी तक उन्हें जांच के आदेश से संबंधित कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जांच की औपचारिक शुरुआत और उसकी रूपरेखा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है। गिरफ्तारी प्रकरण सामने आने के बाद इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ को लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद उनका तबादला पिथौरागढ़ कर दिया गया। हालांकि, स्थानांतरण के बावजूद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब निलंबन की संस्तुति और संभावित विभागीय कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।