बाढ़-बारिश से हाहाकारः अरुणाचल और असम में तबाही! 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बहा, हजारों लोग प्रभावित! कई जिले चपेट में, तीन की मौत

Havoc caused by floods and rain: Devastation in Arunachal and Assam! 300-meter-long iron bridge washed away; thousands affected! Multiple districts hit; three dead.

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून की तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। अरुणाचल प्रदेश और असम इस समय बाढ़ तथा भूस्खलन की गंभीर मार झेल रहे हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, सड़कें बह गई हैं, पुल टूट गए हैं और हजारों लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि कई जिलों का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। भारतीय वायुसेना राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।

अरुणाचल में कुदरत का कहर, तीन लोगों की मौत
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। राज्य सरकार के अनुसार अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की आशंका है। पूर्वी कामेंग, पक्के केसांग, लोअर सियांग सहित कई जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं, पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। पूर्वी कामेंग और पक्के केसांग जिलों को जोड़ने वाला प्रमुख पुल भी तेज बहाव में टूट गया, जिससे छह जिलों का संपर्क प्रभावित हो गया।

असम में भी बाढ़ ने मचाई तबाही, 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बहा
अरुणाचल प्रदेश से लगातार आ रहे पानी ने पड़ोसी राज्य असम में भी हालात बिगाड़ दिए हैं। धेमाजी, लखीमपुर, बिशनाथ, सोनितपुर और अन्य कई जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सबसे बड़ा नुकसान धेमाजी जिले में हुआ, जहां केमी नदी पर बना लगभग 300 मीटर लंबा लोहे का पुल तेज बहाव में बह गया। पुल टूटने से केमी.पुराना जेलोम क्षेत्र और जोनाई सदर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है। हजारों लोगों के लिए यह पुल आवागमन का मुख्य साधन था। पुल बहने के बाद ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने, बच्चों को स्कूल भेजने तथा खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, दर्जनों गांव जलमग्न
लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण असम के धेमाजी जिले में हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों में घरों के भीतर पानी घुस चुका है जबकि खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर सड़कें धंस गई हैं और वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार धेमाजी जिले के चार राजस्व सर्किलों के 69 गांवों के लगभग 16 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन का अनुमान है कि पूरे जिले में 20 हजार से अधिक लोग किसी न किसी रूप में बाढ़ की मार झेल रहे हैं। बहिर चिले ग्राम पंचायत के लगभग 40 गांव तथा बहिर जोनाई ग्राम पंचायत के 60 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई मवेशी भी तेज बहाव में बह गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

राहत और बचाव अभियान तेज
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारतीय वायुसेना भी जरूरत पड़ने पर हवाई सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भूस्खलन में बाइकर बहा, वीडियो आया सामने
अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले के सिजी इलाके से भूस्खलन का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढहता दिखाई देता है, जिसकी चपेट में आकर एक बाइक सवार मलबे के साथ नीचे बह जाता है। हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार बाइक सवार की जान बच गई है, लेकिन उसकी चोटों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।