Aug 29, 2026 Login

हरियाणा: मुख्यमंत्री सैनी की अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति! अपराधियों को कड़ी चेतावनी

Haryana: Chief Minister Saini's zero tolerance policy on crimes! Strict warning to criminals

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर, 2024 को अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में ही उन्होंने अपराधियों को चेतावनी दी थी कि वे या तो अपने रास्ते सुधार लें, वरना सरकार उन्हें सुधारने के लिए बाध्य करेगी। सैनी ने जोर देकर कहा कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली हो, कानून तोड़ने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा। हरियाणा में कानून की सर्वोच्चता स्थापित होगी, न कि अपराधी की हैसियत। यह बयान विपक्ष के कानून-व्यवस्था पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव के जवाब में आया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कठोर नीति के परिणामस्वरूप हरियाणा में प्रमुख अपराधों की संख्या और दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2014 की तुलना में अब नागरिकों को एफआईआर दर्ज कराने में कोई परेशानी नहीं होती, और पुलिस बिना भय के अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है। इससे जनता का हरियाणा पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2014 में 1106 हत्याएं दर्ज हुई थीं, जो 2024 में घटकर 965 रह गईं, यानी 12% की कमी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल (2004-2014) में बलात्कार की घटनाएं तीन गुना बढ़ीं। 2004 में 386 मामले थे, जो 2014 में 1174 हो गए। उन्होंने कांग्रेस को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि उनके 10 वर्षों के शासन में केवल एक महिला थाना खोला गया। सैनी ने 2008 के रोहतक थाने में हुए बलात्कार मामले का जिक्र किया, जहां पीड़िता को 40 दिन तक न्याय के लिए भटकना पड़ा। अंततः उसने पुलिस मुख्यालय के बाहर आत्महत्या कर ली। मामले को सीबीआई को सौंपने में भी देरी हुई, और 2013 में ही दोषियों को सजा मिली।

इसके विपरीत, मौजूदा सरकार की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण देते हुए सैनी ने बताया कि 20 सितंबर, 2024 को यमुनानगर में एक नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया। मात्र 8 महीनों में, 15 मई, 2025 को, अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। सैनी ने इसका श्रेय नए आपराधिक कानूनों को दिया, जो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री की दूरदर्शिता से लागू हुए। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे अपने शासनकाल में किसी बलात्कारी को फांसी की सजा दिलाने का उदाहरण दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार में कई मामलों में 7-8 महीनों में दोषियों को 20 वर्ष, आजीवन कारावास या फांसी की सजा मिली है। 2011 के रोहतक के कलानौर हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनेलो के एक पूर्व विधायक ने हथियारबंद समर्थकों के साथ गांव को किले में बदल दिया था, जिससे पुलिस को गिरफ्तारी में बाधा आई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द की।

सैनी ने 2012 के रोहतक के अपना घर कांड का भी उल्लेख किया, जहां अनाथालय में बच्चियों पर अत्याचार हुए। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने छापा मारकर 120 बच्चियों को मुक्त कराया, और 2018 में सीबीआई अदालत ने मुख्य संचालिका जसवंती देवी सहित 9 आरोपियों को सजा सुनाई। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल की तुलना में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2008 में एक प्रमुख हिंदी अखबार ने हरियाणा पुलिस के दुराचारों की लंबी फेहरिस्त प्रकाशित की थी, जो विपक्ष के शासन की सच्चाई दर्शाती है। सैनी ने बताया कि 2024 में पुलिस ने 110 मुठभेड़ों में 13 कुख्यात अपराधियों को ढेर किया और 157 को घायल किया। 75% साइबर अपराध प्रदेश से बाहर से संचालित होते हैं, लेकिन कठोर कार्रवाई से कई गैंगस्टर विदेशों में छिपने को मजबूर हुए। पिछले 5 वर्षों में 9 गैंगस्टर विदेश से पकड़े गए, जिनमें 2024 में 5 शामिल हैं। उन्होंने चिंता जताई कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग अपराधियों का महिमामंडन करते हैं, जो युवाओं को गलत दिशा में ले जाता है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि अपराधियों के नाम और तस्वीरें प्रकाशित न करें। सैनी ने कहा कि हरियाणा के नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।