हल्द्वानी ब्लॉगर ज्योति अधिकारी मामला: जेल में पुलिस पूछताछ, SSP बोले—शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
हल्द्वानी में सार्वजनिक स्थान पर दरांती लहराने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और महिलाओं के अपमान के आरोपों में गिरफ्तार महिला ब्लॉगर ज्योति अधिकारी से पुलिस ने हल्द्वानी जेल में जाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसके बयान दर्ज किए गए हैं और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। ब्लॉगर की गिरफ्तारी के बाद यह मामला केवल हल्द्वानी तक सीमित नहीं रहा। कुमाऊं क्षेत्र में लगातार विरोध और जनआक्रोश बढ़ने के चलते अलग-अलग जिलों में भी उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस अब न केवल मूल प्रकरण की जांच कर रही है, बल्कि शिकायतकर्ता को सोशल मीडिया के माध्यम से मिल रही धमकियों को भी गंभीरता से ले रही है।
मुखानी थाने में दर्ज हुआ पहला मामला, भेजी गई जेल
कुमाऊं की महिलाओं, स्थानीय संस्कृति और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप में मुखानी थाना पुलिस ने सबसे पहले ज्योति अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बावजूद सोशल मीडिया पर विवाद और विरोध थमता नहीं दिखा।
रुद्रपुर, खटीमा और सितारगंज में भी दर्ज हुई एफआईआर
हल्द्वानी के बाद रुद्रपुर, खटीमा और सितारगंज में भी ज्योति अधिकारी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। रुद्रपुर के बगवाड़ा निवासी ममता त्रिपाठी ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि ब्लॉगर ने सोशल मीडिया पर दरांती लहराते हुए उत्तराखंड की महिलाओं, संस्कृति और देवी-देवताओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
हल्द्वानी जेल में पूछताछ, बयान दर्ज
जांच के क्रम में पुलिस टीम हल्द्वानी जेल पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। कोतवाली प्रभारी मनोज रतूड़ी के अनुसार, पूछताछ के दौरान ज्योति अधिकारी के बयान दर्ज किए गए हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों पर भी कार्रवाई
इस मामले पर SSP मंजूनाथ टीसी ने बताया कि शिकायतकर्ता को सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिल रही हैं। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।