पहले सोनम, अब सियाः प्यार, विश्वास और मौत की खौफनाक कहानी! शादी से पहले मंगेतर को 350 फीट गहरी खाई में धकेलने का आरोप, हादसे के पीछे निकली कथित साजिश
पुणे/नई दिल्ली। इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी मामले को लोग अभी भूल भी नहीं पाए कि महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को एक बार फिर रिश्तों, विश्वास और प्रेम के नाम पर रची जाने वाली कथित साजिशों पर सोचने को मजबूर कर दिया है। यहां 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक दुखद दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामला एक कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आने लगा। लोहागढ़ किले की 350 फीट गहरी खाई में गिरकर हुई केतन की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। शुरुआत में माना गया कि ट्रेकिंग के दौरान फोटो खींचते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में जा गिरे। लेकिन मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस अब इस घटना को नए नजरिए से देख रही है। जांच के केंद्र में केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी नामक युवक हैं। परिवार के अनुसार केतन अग्रवाल की जिंदगी के सबसे सुनहरे दिन आने वाले थे। अगले महीने उनकी शादी तय थी और घर में तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। जयपुर में भव्य विवाह समारोह की योजना बनाई गई थी। इसके लिए एक आलीशान पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के स्वागत से लेकर ठहरने तक की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। इसी बीच मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन भी आने वाला था। परिवार के अनुसार महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में जन्मदिन समारोह आयोजित करने की तैयारी थी, जहां करीब 40 कमरे बुक किए गए थे। शादी और जन्मदिन के जश्न के बीच परिवार भविष्य के सुनहरे सपने देख रहा था, लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही दिनों में खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
बाली यात्रा और पासपोर्ट का रहस्य, लोहागढ़ किले से शुरू हुई कहानी
परिजनों ने बताया कि शादी से पहले केतन और सिया की बाली यात्रा भी प्रस्तावित थी। यात्रा की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन अंतिम समय में सिया ने कथित तौर पर अपना पासपोर्ट खो जाने की बात कही, जिसके चलते पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। उस समय इसे सामान्य घटना माना गया, लेकिन अब जांच के दौरान यह प्रकरण भी चर्चा का विषय बन गया है। जांच अधिकारियों का दावा है कि जिस होटल में दोनों रुके थे, वहां सिया ने कथित रूप से अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था। पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। पुलिस जांच के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 31 मई से जुड़ी हुई है। बताया गया है कि उस दिन केतन और सिया लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के लिए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान कथित रूप से केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि पुलिस के इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी, लेकिन जांच फिलहाल इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
14 जून को पहली कथित कोशिश? जांच में क्यों बदला पूरा एंगल?
पुलिस के अनुसार 14 जून को भी एक संदिग्ध घटनाक्रम सामने आया। जांच में दावा किया गया है कि उस दिन केतन को दोबारा लोहागढ़ किले ले जाया गया। आरोप है कि सांप का भय दिखाकर उन्हें घाटी की ओर ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन कथित योजना उस दिन सफल नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि केतन को किसी भी प्रकार का संदेह नहीं हुआ और वह सुरक्षित वापस लौट आए। हालांकि पुलिस का कहना है कि कथित साजिश यहीं समाप्त नहीं हुई थी। पूरे मामले में 19 जून सबसे अहम तारीख मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार उस दिन फिर से लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई। जांच में दावा किया गया है कि चेतन चौधरी को भी वहां बुलाया गया था। आरोप है कि इसी दौरान केतन अग्रवाल को 350 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद इसे दुर्घटना माना गया, क्योंकि लोहागढ़ किला एक लोकप्रिय पर्यटन और ट्रेकिंग स्थल है, जहां अक्सर लोग फोटो खींचते हुए या ट्रेकिंग के दौरान हादसों का शिकार हो जाते हैं। लेकिन पुलिस की आगे की जांच ने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ तथ्य संदिग्ध प्रतीत हुए। कुछ जानकारियां स्पष्ट रूप से साझा नहीं की जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल जांच शुरू की। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, सोशल मीडिया चैट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के दौरान कथित रूप से ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला महज दुर्घटना न लगकर एक संभावित आपराधिक साजिश की दिशा में जाता दिखाई दिया।
प्रेम संबंध और कथित साजिश का दावा
पुलिस जांच के दौरान कथित रूप से यह जानकारी सामने आई कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच घनिष्ठ संबंध थे। इसी आधार पर दोनों की भूमिका की जांच शुरू की गई। पुलिस का आरोप है कि केतन को अपने संबंधों के रास्ते की बाधा मानते हुए कथित रूप से यह साजिश रची गई। हालांकि यह आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम सत्य अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगा। केतन के परिजनों के लिए सबसे बड़ा झटका यह था कि जिस मौत को वे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मानकर स्वीकार करने की कोशिश कर रहे थे, वही अब कथित हत्या के मामले के रूप में जांच के दायरे में आ गई है। रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार को यकीन नहीं हो रहा कि जिस रिश्ते पर भरोसा करके शादी की तैयारियां की जा रही थीं, उसी रिश्ते से जुड़े लोग अब जांच के केंद्र में हैं। परिवार ने यह भी बताया कि पहले लोहागढ़ किले में प्री-वेडिंग फोटोशूट कराने की योजना बनाई गई थी, जिससे यह स्थान दोनों के लिए परिचित था। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है और हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी है। यह मामला केवल एक युवक की मौत की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, रिश्तों और कथित विश्वासघात के उन पहलुओं को भी सामने लाता है, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत का पूरा सच सामने आ सके।