रामनगर में बेखौफ तस्कर: नदी किनारे अवैध कटान रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला,बीट अधिकारी पर झोंका फायर
रामनगर। उत्तराखंड के जंगलों में लकड़ी तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने से भी नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला नैनीताल जिले के रामनगर स्थित तराई पश्चिमी वन क्षेत्र का है, जहाँ सोमवार सुबह अवैध कटान रोकने गई वन विभाग की टीम पर तस्करों ने न केवल हमला किया, बल्कि जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। इस दुस्साहसिक वारदात में एक वन बीट अधिकारी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार 20 अप्रैल की सुबह नाथुपुर छोई क्षेत्र में नदी किनारे अवैध रूप से पेड़ों के कटान की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन बीट अधिकारी विमल चौधरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। जब टीम घटनास्थल पर पहुँची, तो वहाँ का नजारा देख दंग रह गई। तस्कर पहले ही हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला चुके थे और कटी हुई लकड़ी को अपनी बाइकों पर लादकर ले जाने की तैयारी में थे। वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर तस्करों को दबोचने का प्रयास किया। वन बीट अधिकारी विमल चौधरी ने जैसे ही एक आरोपी को पकड़ना चाहा, तस्करों ने विरोध शुरू कर दिया। विमल चौधरी के अनुसार आरोपियों में से एक के पास पिस्तौल थी। जब मैंने उससे हथियार छीनने की कोशिश की, तो उन्होंने धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। झड़प के दौरान तीनों आरोपी एकजुट होकर वन कर्मियों पर हावी हो गए। खुद को घिरता देख आरोपियों ने वन बीट अधिकारी पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली का निशाना चूक गया और वनकर्मी बाल-बाल बच गए। वारदात को अंजाम देने के बाद तस्कर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। इस हमले में विमल चौधरी घायल हुए हैं, जिनका उपचार वर्तमान में रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है। इस घटना ने वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुँचे और पीड़ित का हाल जाना। प्रशासन ने इस घटना को चुनौती के रूप में लिया है। फरार तस्करों की धरपकड़ के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है और उनकी बाइकों के आधार पर पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी। इस वारदात के बाद से स्थानीय वन कर्मियों में खासा रोष व्याप्त है। उन्होंने मांग की है कि गश्त के दौरान उन्हें भी आत्मरक्षा के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध और संसाधन मुहैया कराए जाएं।