आस्थाः जब बुर्के में कांवड़ लेकर हरिद्वार से निकलीं मुस्लिम युवती! जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत, लोगों ने बरसाए फूल! हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने दी सुरक्षा

Faith: When a Muslim girl, wearing a burqa, left Haridwar carrying a Kanwar, she received a grand welcome at various places, showered with flowers. People associated with Hindu organizations provided

बिजनौर। आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है और हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। इससे पहले शनिवार देर शाम तक हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ियों का जगह-जगह स्वागत हुआ। इस बीच बिजनौर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। दरअसल संभल जनपद की तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर जा रही थी। जब लोगों की नजर तमन्ना पर पड़ी तो वह लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गईं। जहां-जहां से तमन्ना गुजर रही थी, वहां लोग उन्हें देखने के लिए जुटने लगे। कई हिंदू संगठनों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। तमन्ना की इस यात्रा को देखते हुए पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई। जगह-जगह उन्हें पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गई। हिंदू संगठनों के लोग भी उनके साथ चल रहे थे, ताकि रास्ते में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। तमन्ना मलिक जनपद संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव बदनपुर बस्सी की रहने वाली हैं। वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटी।

बुर्के में कांवड़ लेकर कांवड़ियों के समूह के साथ चलती तमन्ना को देखकर लोग हैरान रह गए। जैसे ही यह बात आसपास के लोगों और हिंदू संगठनों को पता चली, उन्होंने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। जब तमन्ना बिजनौर के नूरपुर, फीना और रतनगढ़ कस्बों में पहुंचीं तो वहां भी उनका जोरदार स्वागत हुआ। नूरपुर में महिलाओं ने उन्हें एक मंदिर में कुछ देर आराम करने के लिए रोका। वहां भी फूल बरसाए गए, मालाएं पहनाई गईं और लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी ली। तमन्ना के साथ किसी तरह की अभद्रता न हो, इसके लिए हिंदू संगठनों के लोग काफी दूर तक उनके साथ चलते रहे। पुलिस के जवान भी पूरे कांवड़ ग्रुप को अपने-अपने क्षेत्र से सुरक्षित आगे रवाना करते रहे। तमन्ना के साथ संभल जनपद के 100 से ज्यादा शिव भक्त कांवड़ लेकर चल रहे थे। तमन्ना भी उनके साथ बोल भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ीं। तमन्ना ने बताया कि उनकी अंदर से इच्छा थी कि जैसे बाकी लोग कांवड़ ला रहे हैं, वैसे ही वह भी कांवड़ लाकर भगवान शिव को जल चढ़ाएं। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम समाज से आती हैं, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने गांव के पास रहने वाले अमन त्यागी से विवाह किया था और अब अपने पति के साथ रहती हैं। तमन्ना के अनुसार उन्होंने यह फैसला अपने पति और ससुराल वालों की सहमति से लिया।