वर्दी का सपना रह गया अधूरा: सुबह मैदान में दौड़ लगाते समय 23 वर्षीय युवक को आया हार्ट अटैक, अस्पताल में तोड़ा दम

Dream of wearing the uniform left unfulfilled: 23-year-old man suffers heart attack while running on the field in the morning; passes away in the hospital.

बिहार के गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र से सोमवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता) की तैयारी कर रहे एक 23 वर्षीय होनहार युवक की दौड़ लगाने के दौरान अचानक मौत हो गई। मैदान पर दौड़ते समय युवक की तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस अचानक हुई दुखद घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।

मृतक युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसडीला नवका टोला निवासी 23 वर्षीय रंजीत कुमार के रूप में की गई है, जो जयप्रकाश सिंह कुशवाहा का पुत्र था। परिजनों और दोस्तों ने बताया कि रंजीत का बचपन से ही सपना बिहार पुलिस में भर्ती होने का था। इसके लिए वह पिछले काफी समय से दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहा था। लिखित परीक्षा के बाद वह शारीरिक परीक्षा की तैयारी में जुटा था। रोजाना की तरह सोमवार की सुबह भी रंजीत पूरे उत्साह के साथ अपने दोस्तों के साथ तेलंगही मैदान के पास दौड़ का अभ्यास करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रंजीत ने मैदान के तीन राउंड सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे। लेकिन जैसे ही उसने चौथे राउंड के लिए कदम आगे बढ़ाया, अचानक उसके सीने में तेज दर्द और घबराहट शुरू हो गई। देखते ही देखते वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। रंजीत को अचानक मैदान पर गिरता देख वहां मौजूद उसके दोस्तों और अन्य स्थानीय धावकों में हड़कंप मच गया। बिना एक पल गंवाए दोस्तों ने उसे संभाला और तुरंत बाइक व स्थानीय वाहनों की मदद से गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की टीम ने तुरंत रंजीत का परीक्षण किया और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी सांसें पहले ही थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। रंजीत की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मौजूद उसके दोस्त फूट-फूट कर रोने लगे। सदर अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला ‘कार्डियक अरेस्ट’ या ‘हार्ट अटैक’ का लग रहा है। अत्यधिक शारीरिक श्रम या अचानक दिल की धड़कन रुक जाने की वजह से ऐसा हो सकता है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तुरंत सदर अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत की सही वजह साफ हो सके। इधर, जैसे ही रंजीत की मौत की खबर उसके गांव बसडीला नवका टोला पहुंची, पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर शख्स स्तब्ध है। किसी को भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि जो बेटा सुबह हंसते-खेलते देश सेवा का सपना आंखों में सजाकर घर से दौड़ने निकला था, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। खेल के मैदान से लेकर अस्पताल तक, इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।