मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की हुंकार: 'समृद्ध बिहार से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना, काम में ढिलाई पर नपेंगे अफसर
मुंगेर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुशासन और विकास को लेकर सरकार का संकल्प दोहराते हुए बड़ा बयान दिया है। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड अंतर्गत भूना गांव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारा बिहार समृद्ध बनेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की असली तरक्की गांवों और पंचायतों के जमीनी विकास से ही संभव है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने अब सीधे गांवों का रुख करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
गांवों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य सरकार हर महीने के अंतिम रविवार को सूबे की सभी पंचायतों में 'पंचायत विकास शिविर' आयोजित करने जा रही है। इन शिविरों में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, बच्चों का उत्थान, जल प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, खाद्यान्न उत्पादन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही पंचायत स्तर पर लंबित पड़ी सभी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की नीतियां सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को 'सहयोग शिविर' तथा अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास शिविर' लगाए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त 4 लाख आवेदनों में से 3.5 लाख का सफल निराकरण किया जा चुका है। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी आम नागरिक का उचित काम 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित लापरवाह अधिकारी को 31वें दिन सीधे निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। सरकार जनता के अधिकारों और समयबद्ध सेवा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2026 के बाद बिहार के किसी भी सरकारी अस्पताल से मरीजों को बिना किसी ठोस या अपरिहार्य आवश्यकता के दूसरे अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधाएं, दवाएं और संसाधन समय से पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बड़ा रोडमैप साझा करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2029 तक बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों के शानदार नेटवर्क से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड को पथ निर्माण विभाग की मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा। टेटिया बंबर बिहार का पहला ऐसा प्रखंड बनेगा, जहां दो डिग्री कॉलेज संचालित होंगे, ताकि स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न भटकना पड़े। जीविका से जुड़ी 1.81 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके साथ ही सौर ऊर्जा, दुग्ध व मत्स्य उत्पादन और पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बिहार में विकास, सुशासन और पारदर्शिता का राज रहेगा। राज्य में अपराधियों के खिलाफ हमारी सख्त और त्वरित कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा एकमात्र लक्ष्य बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करना है।