Oct 27, 2026 Login
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गैरसैंण में सीएम धामी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: 2047 तक 'विकसित उत्तराखंड' का रोडमैप जारी, पेश किया विकास का रिपोर्ट कार्ड

CM Dhami's press conference in Gairsain: Roadmap for a 'Developed Uttarakhand' by 2047 unveiled; development report card presented.

गैरसैंण। उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य ध्येय केवल नई योजनाओं की घोषणा करना ही नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार के विकास कार्यों और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट की प्राथमिकताओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। इसके लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय रोजगार, निवेश, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन पर ध्यान दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने गठन के लगभग 26 वर्षों में कई क्षेत्रों में प्रगति की है। उन्होंने इसका श्रेय राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, प्रदेशवासियों की मेहनत और जनभागीदारी को दिया। सरकार के अनुसार, प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2022 में लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद के लिए रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि बजट में विकास कार्यों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए राज्य के कर राजस्व में उनकी हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना में 500 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। वहीं, आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये निर्धारित करने की बात कही गई है। नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर से जुड़े कार्यों को भी बजट में स्थान दिया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल आयुष्मान योजना में 100 करोड़ रुपये और कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विद्यालयी और उच्च शिक्षा में डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, खेल विश्वविद्यालय, महिला खेल महाविद्यालय, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। महिला एवं बाल कल्याण, पोषण अभियान, भोजन माताओं के मानदेय, किसान पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,978 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की संख्या लगभग 60 हजार से बढ़कर एक लाख तक पहुंची है। सौर ऊर्जा क्षमता में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में उत्तराखंड ने 79 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान हासिल किया था। सरकार ने देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का परिसर स्थापित किए जाने को सूचना प्रौद्योगिकी और नए उद्यमों के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके साथ ही जोशीमठ सहित भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में कार्य, आपदा-रोधी निर्माण, सड़क और हवाई सेवाओं से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट तैयार करने में किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए हैं। सरकार का जोर राजस्व अधिशेष बनाए रखने, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के बेहतर उपयोग पर है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की विरासत और संस्कृति का संरक्षण भी आवश्यक है। वर्ष 2035 तक समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण के लक्ष्य के तहत गुणवत्तापूर्ण निवेश, स्थानीय रोजगार और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। अब सरकार के सामने इन घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की चुनौती होगी। बजट में किए गए प्रावधानों का वास्तविक असर किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं से तय होगा।