Oct 27, 2026 Login
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विधानसभा सत्र: भराड़ीसैंण में सड़क पर संग्राम! गैरसैंण कूच पर अड़े प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें, तोड़े बैरियर! निर्दलीय विधायक उमेश कुमार कल देंगे इस्तीफा

Assembly Session: A standoff on the roads of Bhararisain! Water cannons used against protesters marching towards Gairsain; barriers broken! Independent MLA Umesh Kumar to resign tomorrow.

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले दिन सियासत का दोहरा स्वरूप देखने को मिला। एक ओर जहां सदन के भीतर पक्ष और विपक्ष ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं दूसरी ओर विधानसभा के बाहर सड़कों पर भारी हंगामा, धक्का-मुक्की और बवाल देखने को मिला। बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव के लिए कूच कर रहे विपक्षी दलों व विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को जमकर पसीना बहाना पड़ा और अंततः वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। सत्र के पहले दिन कांग्रेस, यूकेडी, स्वराज सेवा दल और प्रधान संगठन के कार्यकर्ताओं ने व्यापक स्तर पर विधानसभा घेराव की रणनीति तैयार की थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने दिवालीखाल, जंगलचट्टी और दुगड्डा समेत कई प्रमुख स्थानों पर लोहे के बैरिकेड्स लगाकर क्षेत्र को छावनी में बदल दिया था। मौके पर नागरिक पुलिस, पीएसी, आंसू गैस दस्ते और दमकल वाहनों को तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारी जैसे ही विधानसभा की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें विभिन्न बैरियरों पर रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। जंगलचट्टी बैरियर पर यूकेडी और कांग्रेस के कार्यकर्ता उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ दिया। इस दौरान कई मीडियाकर्मी, स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी जाम में फंस गए। कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने दो बार तेज पानी की बौछारें छोड़ीं। दिवालीखाल बैरियर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, करण माहरा समेत अन्य नेता धरने पर बैठ गए और कई कार्यकर्ता बैरियर पर चढ़कर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। दुगथम्बा में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ के नारे लगाकर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दिवालीखाल में प्रदर्शन कर रहे प्रधान संघ के सदस्यों को बसों में भरकर हिरासत में लिया। सड़क के साथ-साथ विधानसभा के मुख्य गेट पर भी कांग्रेस विधायकों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए और वोट चोरी, महंगाई तथा अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के नारे लगाए। दिवालीखाल के प्रभारी एसपी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण बात रखने का सबको अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या बैरिकेड तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून का पालन जरूरी है। कार्यवाही शुरू होने से पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ला रही है, जिसमें नवाचार और विकास योजनाओं को रफ्तार दी जाएगी। उन्होंने विपक्ष से सदन के भीतर सकारात्मक दृष्टिकोण रखने का आह्वान किया। 

सदन में दिखा सौहार्दः खंडूड़ी और बिष्ट को दी गई श्रद्धांजलि
सड़क पर मचे घमासान के उलट सदन के भीतर का वातावरण बेहद गंभीर और भावुक रहा। सत्र की शुरुआत में सदन ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटा.) बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक जताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनरल खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के समक्ष उनके पिता को याद करना भावुक पल है। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी ने पांच बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की नींव रखी। सीएम ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ संवाद में खंडूड़ी जी ने कहा था कि ‘नाम नहीं’ काम महत्वपूर्ण है। सीएम ने पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को समर्पित जननेता बताते हुए कहा कि श्रमिकों और आम लोगों के लिए उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि जनरल खंडूड़ी ने पांच दशक के राजनीतिक जीवन में सुशासन, प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता की नई परिभाषा गढ़ी। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में उनके योगदान को सराहा। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बारिश के बीच भी समय पर पहुंचना खंडूड़ी जी की कार्यशैली थी। विधायक अरविंद पांडेय, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, बंशीधर भगत, रेखा आर्या और गणेश जोशी ने भी दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी।

निर्दलीय विधायक उमेश कुमार कल देंगे इस्तीफा
उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू होने से पहले हरिद्वार की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। उमेश कुमार का कहना है कि विपक्ष ने जनता के मुद्दों को उठाने में उनका साथ नहीं दिया। इसलिए वह इस्तीफा देंगे। उमेश कुमार ने घोषणा की कि वह न कांग्रेस में जा रहे हैं और न भाजपा में। उमेश कुमार ने कहा कि वह कांग्रेस व भाजपा में जाकर उन लोगों की जिंदाबाद के नारे नहीं लगा सकते जो कल तक उनके दरवाजे पर आकर बैठते थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। उनके इस मुद्दे के साथ कोई खड़ा नहीं हो रहा है। इसलिए वह बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।