शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के परिजनों से मिले सीएम धामी, अल्मोड़ा में बनेगा शहीद के नाम पर भव्य द्वार

CM Dhami meets the family of martyred Lieutenant Bireshwar Goswami; a grand gateway named after the martyr will be built in Almora.

अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अल्मोड़ा के पांडेखोला पहुंचे, जहाँ उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत, शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के पैतृक आवास पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद अधिकारी के चित्र पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया और उनके माता-पिता, भाई समेत परिवार के अन्य शोकाकुल सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरी राज्य सरकार और देश उनके साथ खड़ा है। 

शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को नमन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि के इस जांबाज सैनिक ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर शहादत का जो सर्वोच्च कीर्तिमान स्थापित किया है, वह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। सीएम ने कहा देश के लिए शहादत देकर लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी हमेशा के लिए अमर हो गए हैं। उनका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आने वाली पीढ़ियां उनके साहस, शौर्य और देशभक्ति को हमेशा याद रखेंगी और उनसे राष्ट्र सेवा की प्रेरणा लेंगी। परिजनों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने राजौरी में सेना के अभियान के दौरान हुई इस सैन्य घटना की विस्तृत जानकारी ली। शहीद के परिवार को संबल देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अल्मोड़ा में शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति और सम्मान में एक भव्य 'स्मारक गेट' (द्वार) का निर्माण कराया जाएगा, ताकि शहर में आने वाला हर नागरिक और युवा उनके बलिदान से परिचित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिवार को हर संभव आर्थिक और सामाजिक सहायता प्रदान करने का पूर्ण भरोसा दिया। गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर के अशांत राजौरी क्षेत्र में सेना के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। इसी अभियान के दौरान उग्रवादियों से लोहा लेते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए थे। अल्मोड़ा के पांडेखोला स्थित उनके आवास पर मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नम आंखों से देश के इस वीर सपूत को याद किया।