कुमाऊं के कारोबारियों से सीएम धामी का संवाद,बोले-व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़,एमएसएमई क्षेत्र में 1.27 लाख युवाओं को मिला रोजगार
हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीसी फॉर्च्यून में कुमाऊं मंडल के व्यापार मंडलों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याएं व सुझाव सुने तथा उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छोटा दुकानदार हो या बड़ा उद्योगपति, व्यापारी वर्ग प्रदेश की विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ है।
व्यापारियों ने संवाद के दौरान जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे उठाए। युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और नए कारोबार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश के विकास में छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्योगपति तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। उद्देश्य ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करना है, जहां उद्यमियों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े और निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और रिटेल कारोबार से जुड़े लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आम लोगों तक जरूरी सामान और राशन पहुंचाया। उन्होंने व्यापारी वर्ग को देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि व्यापारी ‘ब्रांड इंडिया’ के सच्चे राजदूत हैं। धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास व्यापारियों को केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनाना है। कारोबार बढ़ेगा तो निवेश आएगा और इसके साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी लागू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उद्योगों को सरकारी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी और बाधाओं का सामना न करना पड़े। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया भी आसान होगी। मुख्यमंत्री ने राज्य में एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उद्योगों को बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे अधिक से अधिक नए उद्योग प्रदेश में स्थापित हो सकें। धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार चाहती है कि पहाड़ का युवा रोजगार की तलाश में गांव छोड़ने के बजाय अपने क्षेत्र में रहकर भी कारोबार खड़ा कर सके और देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ाने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नए कारोबारी विचारों को पूंजी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘मेड इन उत्तराखंड’ को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं के व्यापारियों और उद्यमियों के सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं। संवाद का उद्देश्य समस्याओं को सुनना और नीतियों को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बेहतर बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार आगे भी व्यापारिक संगठनों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी।