सीमा पर संग्राम: भारत-नेपाल बॉर्डर पर मुहर्रम जुलूस के दौरान भारी बवाल, पथराव में आधा दर्जन घायल

Clash at the Border: Major unrest during a Muharram procession on the India-Nepal border; half a dozen injured in stone-pelting.

अररिया।भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के अररिया जिले का जोगबनी कस्बा शुक्रवार को अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मुहर्रम के पवित्र अवसर पर शांतिपूर्ण ढंग से निकाले जा रहे ताजिया जुलूस के दौरान अचानक हुए उपद्रव और पथराव से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह हिंसक झड़प जोगबनी के चाणक्य चौक स्थित करबला मैदान में उस समय हुई, जब सीमा पार नेपाल के रानी (मटियरवा) क्षेत्र से एक ताजिया जुलूस वहां पहुंचा। देखते ही देखते मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से पत्थरों की बौछार होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना में करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि आसपास की कई दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मुहर्रम के मौके पर जोगबनी के विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से करबला मैदान में एकत्रित हो रहे थे। चारों तरफ अकीदतमंदों की भीड़ थी। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल के रानी (मटियरवा) इलाके से भी एक जुलूस करबला मैदान में दाखिल हुआ। मैदान में मौजूद कुछ लोगों और नेपाल से आए जुलूस के सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर अचानक कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि बात लाठी-डंडों और पथराव तक पहुंच गई। उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से करबला मैदान में मौजूद श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे मैदान में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। भागने के क्रम में और पत्थरों की चपेट में आने से आधा दर्जन लोग लहूलुहान हो गए। उग्र भीड़ ने चाणक्य चौक के आसपास की कई दुकानों को भी निशाना बनाया, जिससे दुकानों के शीशे टूट गए और व्यापारियों में दहशत फैल गई। घटना की संवेदनशीलता और अंतरराष्ट्रीय सीमा का मामला होने के कारण प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही जोगबनी के कार्यपालक पदाधिकारी मयंक कुमार, थानाध्यक्ष महादेव कामत और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी हरेंद्र सिंह भारी पुलिस बल और जवानों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। सुरक्षाबलों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और उपद्रव कर रही भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। स्थिति को बिगड़ता देख मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल को भी तलब किया गया। सुरक्षाबलों की त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद उपद्रवी और पथराव करने वाले तत्व मौके से फरार हो गए, जिसके बाद स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया गया। घायलों को तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस हिंसक झड़प के बाद भारत-नेपाल सीमा पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सुरक्षा के लिहाज से भारत-नेपाल सीमा के अंतरराष्ट्रीय पिलर संख्या 179/02 के आसपास स्थित करबला मैदान, चाणक्य चौक और अन्य संवेदनशील पॉकेट्स में भारी संख्या में बिहार पुलिस और एसएसबी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर लगातार फ्लैग मार्च और निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज को खंगाल रही है, ताकि पथराव और माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों की सटीक पहचान की जा सके। अररिया जिला प्रशासन और जोगबनी पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाई जाने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और दोनों देशों के सीमावर्ती सौहार्द को बिगाड़ने वाले दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी।