चारधाम यात्रा: 80 आपदा टीमें रहेंगी तैनात, 1200 सीसीटीवी कैमरों व 15 ड्रोन से होगी यात्रामार्ग की निगरानी

Char Dham Yatra: 80 Disaster Response Teams to be Deployed; Yatra Route to be Monitored using 1,200 CCTV Cameras and 15 Drones.

देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड पुलिस की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर 1250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें से 92 कैमरे चारों धामों के परिसरों में स्थापित किए गए हैं। बाकी कैमरे यात्रा मार्ग के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखेंगे। साथ ही 15 ड्रोन लगातार आसमान से यात्रा मार्ग की निगरानी करेंगे। इनमें चार-चार ड्रोन हरिद्वार, दो टिहरी, तीन उत्तरकाशी और दो ड्रोन चमोली जिले में तैनात रहेंगे। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जिलों में लगातार बैठकें की जा रही हैं। पूरे यात्रा मार्ग को 16 जोन, 43 सब-जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सात दिन पहले ही सभी फोर्स यात्रा मार्ग पर तैनात कर दी जाएगी। डेंजर जोन, बोतल नेक और ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल और उपकरणों के साथ कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर कुल 52 बोतल नेक प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक 16 रुद्रप्रयाग, 10 चमोली, 6 टिहरी और 5 उत्तरकाशी में हैं। इसके अलावा 109 लैंडस्लाइड क्षेत्र चिह्नित हैं, जिनमें टिहरी में सबसे ज्यादा 50, उत्तरकाशी में 20, चमोली में 18 और रुद्रप्रयाग में 13 क्षेत्र शामिल हैं। दुर्घटना संभावित कुल 274 प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें हरिद्वार में सबसे अधिक 69 प्वाइंट हैं। सभी जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा चुके हैं।

इस बार पूरे यात्रा मार्ग पर 45 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जिला-वार पार्किंग क्षमता इस प्रकार है:
देहरादून: 17 पार्किंग स्थल – 2300 छोटे, 1680 बड़े वाहन
हरिद्वार: 17 पार्किंग स्थल – 39950 छोटे, 4880 बड़े वाहन
पौड़ी: 13 पार्किंग स्थल – 1455 छोटे, 750 बड़े वाहन
टिहरी: 14 पार्किंग स्थल – 1165 छोटे, 450 बड़े वाहन
चमोली: 31 पार्किंग स्थल – 1020 छोटे, 350 बड़े वाहन
रुद्रप्रयाग: 18 पार्किंग स्थल – 2165 छोटे, 275 बड़े वाहन
उत्तरकाशी: 6 पार्किंग स्थल – 1210 छोटे, 900 बड़े वाहन

अन्य पुलिस व्यवस्थाएं:
टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र: 57
आपदा टीमें: 80 स्थानों पर
एसडीआरएफ टीमें: 37 स्थानों पर
फायर सर्विस टीमें: 30
जल पुलिस: 32 स्थानों पर

आईजी स्वरूप ने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा या दुर्घटना से निपटने के लिए 80 आपदा टीमें हर समय तैयार रहेंगी। पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा मार्ग पर निर्धारित नियमों का पालन करें, चेतावनी बोर्डों पर अंकित सूचनाओं को गंभीरता से लें और ट्रैफिक व पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।