Aug 28, 2026 Login

उत्सवः देवभूमि में रक्षाबंधन की धूम! राज्यपाल और सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, महिला सशक्तिकरण को बताया समृद्ध उत्तराखंड की कुंजी

Celebration: Raksha Bandhan fervor grips Devbhoomi! Governor and CM Dhami extend greetings to the people of the state, terming women's empowerment the key to a prosperous Uttarakhand.

देहरादून। भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह और समर्पण का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर प्रदेशभर में उत्साह का माहौल है। घरों में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत विभिन्न नेताओं ने प्रदेशवासियों को पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने रक्षाबंधन को केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व न बताते हुए इसे सामाजिक सद्भाव, महिला सम्मान और आपसी विश्वास को मजबूत करने वाला त्योहार बताया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करता है। रक्षाबंधन केवल एक पारिवारिक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना को बढ़ाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन मातृशक्ति के सम्मान और स्नेह का पर्व भी है। बहनें परिवार के स्नेह, संस्कार और संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला होती हैं। उनका स्नेह, आशीर्वाद और अपनापन परिवार तथा समाज को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है। राज्यपाल ने इस पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में नारी सम्मान और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी सुदृढ़ करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन महिलाओं के प्रति आदर, सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है। समाज में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं। महिलाओं को सशक्त किए बिना समृद्ध और विकसित उत्तराखंड की कल्पना पूरी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से महिलाओं के सशक्तिकरण, सम्मान और उनकी प्रगति के लिए आदर्श समाज के निर्माण में सहयोगी बनने की अपील की।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देता है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करता है। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि कोटद्वार की जनता के साथ उनका आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता है। क्षेत्रवासियों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें लगातार जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सभी लोगों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि अपनों के प्यार, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र वचन है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन की परंपरा रिश्तों में विश्वास और अपनत्व को मजबूत करती है। यह पर्व हमें अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी देता है।