क्रिकेट के बाद भी ‘कैप्टन कूल’ का जलवा बरकरार! महेंद्र सिंह धोनी बने बिहार-झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकर दाता
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेन्द्र सिंह धोनी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन पहले जैसा प्रभाव छोड़ता नजर नहीं आया, लेकिन मैदान के बाहर उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है। महेंद्र सिंह धोनी बिहार-झारखंड क्षेत्र के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकर दाता बन गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत श्रेणी में सबसे ज्यादा आयकर जमा करने वालों की सूची में धोनी शीर्ष पर रहे हैं। इसकी आधिकारिक जानकारी बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डी. सुधाकर राव ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी। आयकर विभाग ने टैक्स कलेक्शन, राजस्व वृद्धि और टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े कई अहम आंकड़े साझा किए। इसी दौरान अधिकारियों ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी लगातार समय पर टैक्स भरने वाले और सबसे अधिक कर भुगतान करने वाले नागरिकों में शामिल रहे हैं। हालांकि विभाग ने इस बार उनके द्वारा जमा की गई टैक्स राशि सार्वजनिक नहीं की। धोनी का नाम सामने आते ही एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई कि क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय संन्यास लेने के बाद भी उनकी कमाई, लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू में कोई कमी नहीं आई है। क्रिकेट मैदान पर अपने शांत स्वभाव, शानदार कप्तानी और मैच फिनिशिंग अंदाज से दुनिया भर में पहचान बनाने वाले माही अब एक जिम्मेदार करदाता के रूप में भी लोगों के लिए मिसाल बनते दिखाई दे रहे हैं।
दरअसल, महेंद्र सिंह धोनी केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं। वह कई बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़े हुए हैं, विज्ञापनों, बिजनेस निवेश, स्पोर्ट्स वेंचर्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से लगातार आय अर्जित कर रहे हैं। यही कारण है कि क्रिकेट से दूरी के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति और बाजार में उनकी लोकप्रियता मजबूत बनी हुई है। आयकर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में झारखण्ड ने लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का राजस्व दिया, जबकि बिहार का योगदान करीब 8 हजार करोड़ रुपये रहा। कुल 20 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य में झारखंड की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। अधिकारियों के मुताबिक झारखंड का मजबूत औद्योगिक ढांचा, खनिज संपदा और व्यापारिक गतिविधियां राज्य को टैक्स कलेक्शन में आगे बनाए हुए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियानों का भी जिक्र किया। विभाग के अनुसार बीते वर्ष 12 बड़े कारोबारी समूहों पर छापेमारी की गई और 90 से अधिक मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि टैक्स चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान एक चिंताजनक आंकड़ा भी सामने आया। विभाग के मुताबिक देश में लगभग 5 करोड़ पैन कार्ड धारकों में से केवल 40 लाख लोग ही नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। आयकर अधिकारियों ने लोगों से समय पर टैक्स रिटर्न भरने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की।