सप्तमी पर ढाक की ताल से गूंजा कैम्प: आरती प्रतियोगिता में नन्हे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने मोहा सबका मन
रुद्रपुर। शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर रुद्रपुर के ट्रांज़िट कैम्प में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित पांच दिवसीय भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव के दूसरे दिन, यानी महा सप्तमी पर, भक्ति और भारतीय संस्कृति के ऐसे अनूठे रंग बिखरे कि उपस्थित हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो उठा। इस खास मौके पर मां दुर्गा के दरबार में एक विशेष आरती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय छोटे-छोटे बाल कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से समां बांध दिया। सप्तमी की शाम जैसे ही महा आरती की शुरुआत हुई, पूरा ट्रांज़िट कैम्प परिसर मां दुर्गा के जयकारों और पारम्परिक बंगाली वाद्य यंत्रों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। बंगाली समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्र (ढाक और कांशर) की लयबद्ध धुनों पर जब छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों में आरती की थाली और धूपदानी (धुनुची) संभालकर प्रस्तुति दी, तो देखने वाले दंग रह गए। नन्हे-मुन्ने प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष पूरी निष्ठा, लय और पारंपरिक अंदाज में आरती कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बाल कलाकारों के इस अद्भुत और मनमोहक समर्पण को देखकर पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु तालियां बजाने और जयकारे लगाने पर मजबूर हो गया। बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आस्था का महापर्व है। इस समाज में हर वर्ष मां दुर्गा के साथ-साथ धन की देवी मां लक्ष्मी, ज्ञान की देवी मां सरस्वती, तथा भगवान कार्तिकेय और श्री गणेश की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से देवी-देवताओं से अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामना का आशीर्वाद मांगते हैं। संध्या आरती और इस प्रकार के प्रतियोगितात्मक आयोजन बंगाली संस्कृति का एक अभिन्न अंग हैं। इस आयोजन की सबसे सुंदर बात यह रही कि इसमें केवल बंगाली समाज ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के सर्व समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने एक साथ मिलकर पूजा की भव्यता और खुशियों को दोगुना कर दिया।
आयोजकों ने बताया कि पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई है। सप्तमी पूजा पर बच्चों के लिए आयोजित यह आरती प्रतियोगिता उत्सव का मुख्य आकर्षण रही। आने वाले दिनों में भी महा अष्टमी, महा नवमी और विजया दशमी के अवसर पर कई अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पूजा समिति के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने उपस्थित होकर नन्हे प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पुरस्कृत भी किया। रुद्रपुर का ट्रांज़िट कैम्प इस समय पूरी तरह से दुर्गा पूजा के रंग में रंगा हुआ है और भक्ति भावना का यह माहौल दशमी तक इसी प्रकार बना रहेगा