बड़ी खबरः ऑपरेशन सिंदूर के 6 अमर शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक! राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर दर्ज हुआ गौरवपूर्ण इतिहास

Breaking News: Names of the 6 immortal martyrs of 'Operation Sindoor' revealed for the first time! Their glorious history has been recorded on the National War Memorial website.

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जांबाज सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए गए हैं। इन वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ सेक्शन में शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही पहली बार सरकार की ओर से यह आधिकारिक पुष्टि मानी जा रही है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के इन जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर दर्ज नामों के अनुसार सूबेदार मेजर पवन कुमार, रायफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, एवी मूद मुरलीनायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और सुरेंद्र कुमार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए वीर सैनिकों में शामिल हैं। इन सभी के नाम अब उन हजारों अमर वीरों की सूची में दर्ज हो गए हैं जिन्होंने स्वतंत्र भारत की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में वर्तमान में 26,626 शहीदों के नाम दर्ज हैं। इस सूची में वर्ष 1947-48 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से लेकर विभिन्न सैन्य अभियानों और ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के नाम शामिल हैं। अब इसी सूची में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए इन छह जवानों के नाम भी सम्मानपूर्वक जोड़े गए हैं।

गौरतलब है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच करीब चार दिनों तक सैन्य तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी रही थी। इस दौरान भारतीय सेना के जवानों के हताहत होने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन सरकार की ओर से किसी भी सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। अब नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर इन नामों के प्रकाशित होने के बाद इसे ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की पहली आधिकारिक पुष्टि माना जा रहा है। दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 7 मई 2025 की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी संगठनों से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक और योजनाबद्ध कार्रवाई की। इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। ऑपरेशन सिंदूर लगभग चार दिनों तक चला। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज रहीं। बाद में पाकिस्तान की ओर से तनाव कम करने की पहल के बाद 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। हालांकि इस अभियान के दौरान भारतीय सेना को भी अपने कुछ वीर जवानों का बलिदान देना पड़ा। ऑपरेशन सिंदूर के इन छह अमर वीरों के नाम अब भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुके हैं। पूरा देश उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं और सम्मान व्यक्त कर रहा है।