छपरा में खूनी खेल: कोर्ट ट्रायल से पहले 'डबल मर्डर' के मुख्य गवाह की गोली मारकर हत्या, भाई की हालत नाजुक
छपरा। बिहार के सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। इलाके के चर्चित अधिवक्ता पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य गवाह पंकज कुमार राय की घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जानलेवा हमले में पंकज के छोटे भाई मनीष कुमार राय भी कान के पास गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नाजुक हालत में इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मेथवलिया गांव निवासी रामदेव राय के 35 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार राय अपने छोटे भाई मनीष कुमार राय के साथ रविवार रात एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात जब दोनों भाई बाइक से वापस घर लौट रहे थे, तभी मेथवलिया चौक के पास पहले से घात लगाए बैठे दो-से-तीन मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने पंकज को निशाना बनाते हुए सीधे उनके सिर में गोली मार दी, जिससे वे मौके पर ही लहुलुहान होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। वहीं, मनीष के कान को चीरती हुई गोली निकल गई, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश और पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। परिजनों और ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि यह हत्या साल 2024 में जमीन विवाद को लेकर हुए अधिवक्ता राम अयोध्या राय और उनके पुत्र सुनील कुमार राय के बहुचर्चित 'डबल मर्डर' केस से जुड़ी है। मृतक पंकज कुमार राय इस दोहरे हत्याकांड के सबसे महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह थे और उनकी गवाही से आरोपियों को सख्त सजा होना तय माना जा रहा था। गवाही को रोकने और केस को कमजोर करने के इरादे से ही अपराधियों ने पंकज को रास्ते से हटा दिया। वारदात के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक पंकज कुमार राय के शव को मेथवलिया चौक पर मुख्य सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुख्य गवाह होने के कारण पंकज की जान को लगातार खतरा बना हुआ था और उन्होंने पूर्व में कई बार स्थानीय पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की इसी लापरवाही के कारण आज पंकज की जान चली गई। प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर जाम हटाया जा सका। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सारण के एएसपी रामपुकार सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल और घटना स्थल पर पहुंचे। एएसपी रामपुकार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने संदिग्धों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार मुख्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।