राहुल गांधी के छात्र संवाद पर बीजेपी का पलटवार,महेंद्र भट्ट बोले-रटा-रटाया झूठ से युवाओं को गुमराह करने की कोशिश,देवभूमि में नहीं चलेगा फिक्स्ड ड्रामा
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम के तुरंत बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस कार्यक्रम पर चौतरफा हमला बोलते हुए इसे एक 'पूर्वनियोजित स्क्रिप्ट' और 'फ्लॉप शो' करार दिया है। महेंद्र भट्ट ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी 20 दिनों का विदेशी दौरा पूरा कर लौटे हैं, लेकिन उनके पास छात्रों के लिए कुछ भी नया नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेसी युवराज एक 'नॉन-सीरियस और पार्ट-टाइम' राजनेता हैं, जिन्हें देवभूमि उत्तराखंड की जनता कभी गंभीरता से नहीं लेती। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों से संवाद का जरिया नहीं, बल्कि उत्तराखंड में अपना जनाधार खो चुकी कांग्रेस और राहुल गांधी को दोबारा स्थापित करने की एक हताश और नाकाम कोशिश भर था। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक निशाना साधना चाहती है। कार्यक्रम में सवाल भी पहले से तय (फिक्स) थे और उनके जवाब भी रटे-रटाए थे। चलो, इसी बहाने देवभूमि के युवाओं को पता चल गया कि फिक्स सवालों और रिफिक्स जवाबों का यह 'फिक्स्ड ड्रामा' कैसा होता है।"
महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी पर नीट परीक्षा को लेकर देश के युवाओं में भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 21 जून को नीट परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई थी, जिसके बाद राहुल गांधी गर्मियों की छुट्टियां मनाने विदेश चले गए। अब जब परीक्षा का परिणाम आ चुका है और 11 लाख से अधिक छात्र सफल हुए हैं, तो राहुल गांधी को उनका हौसला बढ़ाना चाहिए था। लेकिन विदेश से लौटने के बाद भी उनके हाथ कोई रचनात्मक जानकारी नहीं लगी और वे देहरादून में आकर पुराना रटा-रटाया झूठ और अफवाहें दोहराने लगे। उन्होंने दावा किया कि देवभूमि के जागरूक युवा इस प्रपंच में नहीं फंसेंगे। कटाक्ष करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि राहुल गांधी उत्तराखंड में भर्ती घोटालों के कांग्रेसी इतिहास पर भी कुछ बोलेंगे। उन्होंने सवाल दागा कि राहुल गांधी तिवारी और हरीश रावत सरकार के दौरान हुए पटवारी, दरोगा, बीडीओ, टेक्निकल यूनिवर्सिटी, सिडकुल और आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के घोटालों पर चुप क्यों हैं? भट्ट ने यह भी पूछा कि जिस राजस्थान से राहुल ने अपने इस अभियान की शुरुआत की थी, वहां की गहलोत सरकार पेपर लीक के कलंक के कारण ही सत्ता से बाहर क्यों हो गई? महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते 4 जून को जब वे उत्तराखंड आए थे, तो महज कुछ घंटों के 'सैर-सपाटे' के बाद सीधे अंडमान में छुट्टियां मनाने और स्कूबा डाइविंग के लिए निकल गए। इसके बाद वे 20 दिन विदेश में रहे। लिहाजा, चुनाव की आहट सुनकर उत्तराखंड आना उनकी जनता के प्रति फिक्र नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से 'राजनीतिक पर्यटन' है। केवल छात्रों के बीच जाकर फोटो खिंचवाने से कांग्रेस की खोई हुई जमीन वापस नहीं आने वाली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि आज राज्य में देश का सबसे कठोरतम नकल निरोधक कानून लागू है, जिसके दम पर रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक पारदर्शी भर्तियां हुई हैं और सैकड़ों नकल माफिया जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने सरकार के अन्य आंकड़े भी पेश किए। पिछले साढ़े चार वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। राज्य का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बन रहा है। इस योजना के तहत फरवरी 2026 तक 3.77 लाख से अधिक बेटियों के बैंक खातों में ₹1,168 करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत का खेल कोटा लागू किया गया है और पदक विजेताओं को आउट-ऑफ-टर्न नियुक्तियां दी जा रही हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वे कांग्रेस की इस राजनीतिक साजिश की पोल खोलते रहेंगे क्योंकि उत्तराखंड का स्वाभिमानी युवा कुछ घंटों की 'चुनावी फिल्म' पर नहीं, बल्कि चौबीसों घंटे साथ खड़े रहने वाले भाजपा परिवार पर भरोसा करता है।