उत्तराखंड में अपना आशियाना बसाना चाहते हैं ऋषभ पंत! तीन साल से जमीन की तलाश, सीएम धामी से लगाई गुहार

Rishabh Pant wants to settle down in Uttarakhand! He has been searching for land for three years and has appealed to CM Dhami.

देहरादून। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत अब अपने गृह राज्य उत्तराखण्ड में अपना आशियाना बसाने की तैयारी में हैं। लंबे समय से उत्तराखंड में जमीन तलाश रहे पंत को प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की अपील की। पंत ने बताया कि वह करीब तीन वर्षों से उत्तराखंड में अपने परिवार के रहने के लिए उपयुक्त जमीन तलाश रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी तलाश पूरी नहीं हो सकी है। ऋषभ पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी तत्काल प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने पंत की उत्तराखंड लौटकर राज्य के लिए काम करने की इच्छा का स्वागत करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और नियमानुसार हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। ऋषभ पंत ने शुक्रवार रात करीब 12ः46 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपनी परेशानी सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तराखंड से अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए पंत ने कहा कि वह अपने राज्य में वापस आकर रहना चाहते हैं। पंत के मुताबिक, रहने के लिहाज से उनकी जरूरत के अनुरूप अच्छी और पर्याप्त जमीन तलाशने में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने की प्रक्रिया में स्पष्टता को लेकर भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। करीब तीन वर्षों से प्रयास करने के बावजूद अब तक उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक जमीन नहीं मिल पाई है। पंत ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मामले को देखने और जमीन खरीद की प्रक्रिया को समझने में मदद करने का अनुरोध किया। उनकी इस अपील के बाद उत्तराखंड में जमीन खरीद की प्रक्रिया और राज्य में अपना घर बनाने की उनकी इच्छा चर्चा का विषय बन गई है। ऋषभ पंत ने अपनी पोस्ट में केवल घर बनाने की इच्छा ही नहीं जताई, बल्कि उत्तराखंड से अपने गहरे जुड़ाव को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से उत्तराखंड को देश और दुनिया के मंच पर बढ़ावा देने के लिए काम करते रहे हैं। अब वह अपने पहाड़ी लोगों के बीच लौटकर रहना चाहते हैं और राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। जमीन को लेकर ऋषभ पंत ने एक अन्य पोस्ट में अपनी स्थिति और स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार की ओर से उन्हें जमीन उपहार के रूप में मिलती है तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी। हालांकि, पंत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सरकार से तय सरकारी दर पर जमीन खरीदने के इच्छुक हैं। ऋषभ पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जवाब देते हुए उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषभ पंत ने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों के माध्यम से देश-दुनिया में उत्तराखंड यानी देवभूमि का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने पंत की उत्तराखंड लौटने और राज्य के लिए कुछ करने की इच्छा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ओर से उठाए गए विषय को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अधिकारी जल्द ही ऋषभ पंत से संपर्क करेंगे और नियमानुसार उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता हैं पंत
ऋषभ पंत की पहचान केवल क्रिकेट स्टार के तौर पर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के प्रमुख करदाताओं में भी होती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ऋषभ पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता बने हैं। उन्होंने इस अवधि में 23.84 करोड़ रुपये का आयकर चुकाया है। 25 जुलाई को देहरादून में आयोजित आयकर दिवस समारोह में पंत को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में अब अपने गृह राज्य में घर बनाने की उनकी इच्छा और मुख्यमंत्री से मदद की अपील ने उत्तराखंड में खासा ध्यान आकर्षित किया है।